'कश्मीर की यात्रा का एक निर्णायक अध्याय': अनुच्छेद 370 हटाए जाने की 7वीं वर्षगांठ पर बोले PM मोदी

अनुच्छेद 370 को हटाए जाने की 7वीं वर्षगांठ पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इस फैसले की तारीफ की और इसे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की यात्रा में एक "निर्णायक नया अध्याय" बताया। बता दें कि 5 अगस्त 2019 को केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने अनुच्छेद 370 को हटाने का फैसला लिया था।

अपडेटेड Aug 05, 2026 पर 2:28 PM
अनुच्छेद 370 हटाए जाने की 7वीं वर्षगांठ पर पीएम मोदी का संदेश

अनुच्छेद 370 को हटाए जाने की 7वीं वर्षगांठ पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इस फैसले की तारीफ की और इसे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की यात्रा में एक "निर्णायक नया अध्याय" बताया। बता दें कि 5 अगस्त 2019 को केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने अनुच्छेद 370 को हटाने का फैसला लिया था। इस फैसले के बाद जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त हो गया और उसे पूरी तरह देश की मुख्यधारा और राष्ट्रीय व्यवस्था का हिस्सा बना दिया गया।

गौरतलब है कि अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा और कई मामलों में आंतरिक स्वायत्तता (खुद फैसले लेने का अधिकार) प्राप्त था।

PM मोदी ने 'X' पर एक पोस्ट में लिखा: "सात साल पहले, इसी दिन अनुच्छेद 370 और 35(A) इतिहास बन गए थे, जिससे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की यात्रा में एक निर्णायक नया अध्याय शुरू हुआ। तब से, J&K और लद्दाख के लोगों के जीवन में बड़े बदलाव आए हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार हुआ है और शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, उद्यमिता और खेल जैसे क्षेत्रों में अवसर बढ़े हैं।"


उन्होंने कहा, "चाहे महिलाएं हों या हाशिए पर रहने वाले समुदाय, जिन्हें दशकों तक उनके बुनियादी संवैधानिक अधिकारों से वंचित रखा गया था, वे भारत के संविधान के पूरी तरह से लागू होने की वजह से सशक्त हुए हैं।"

जनसंघ – जो आज भारतीय जनता पार्टी है – के संस्थापक को याद करते हुए, पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रीय एकता के प्रति उनकी जीवन भर की प्रतिबद्धता पीढ़ियों को प्रेरित करती रही है।

बता दें कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अनुच्छेद 370 का विरोध करने वाले शुरुआती और प्रमुख नेताओं में शामिल थे। उनका मानना था कि जम्मू-कश्मीर के लिए अलग संविधान और अलग झंडे की व्यवस्था देश की एकता और अखंडता के सिद्धांत के खिलाफ है।

पीएम मोदी ने लिखा, "इस साल 5 अगस्त का दिन और भी ज्यादा अहम है क्योंकि इसी साल हमारा देश डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती मना रहा है। राष्ट्रीय एकता के प्रति उनका जीवन भर का समर्पण पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।"

प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की तरक्की के लिए काम करने के प्रति अपनी सरकार के संकल्प को भी दोहराया।

उन्होंने आगे कहा, "श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने दशकों पहले जो सपना देखा था, वह 5 अगस्त 2019 को ऐतिहासिक रूप से सच हुआ। हम जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की तरक्की के लिए और यह पक्का करने के लिए कि हर नागरिक को बड़े सपने देखने, उन्हें हासिल करने और 'विकसित भारत' के निर्माण में योगदान देने का मौका मिले, अपने संकल्प को दोहराते हैं।"

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