डिजिटल क्रिएटर्स के लिए सरकार का बड़ा तोहफा! शुरू किया ‘Gems of India’ चैलेंज, ऐसे ले सकते हैं हिस्सा
भारत के क्रिएटिव सेक्टर को मजबूत करने और उभरती हुई ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने आज 'Gems of India' चैलेंज के पायलट फेज की शुरुआत की है।
डिजिटल क्रिएटर्स के लिए सरकार शुरू किया ‘Gems of India’ चैलेंज
भारत के क्रिएटिव सेक्टर को मजबूत करने और उभरती हुई ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने आज 'Gems of India' चैलेंज के पायलट फेज की शुरुआत की है। यह एक राष्ट्रीय पहल है, जिसका उद्देश्य देशभर के जमीनी स्तर के डिजिटल क्रिएटर्स की पहचान करना, उन्हें प्रशिक्षित करना और आगे बढ़ाना है।
यह पहल 'MyWAVES' पर आधारित है, जो WAVES OTT के तहत नागरिकों के लिए एक क्रिएटर प्लेटफॉर्म है। इसे सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लॉन्च किया था ताकि नागरिक ओरिजिनल कंटेंट बना सकें, अपलोड कर सकें और शेयर कर सकें, और साथ ही भारत के डिजिटल क्रिएटर इकोसिस्टम को मजबूत कर सकें।
The Ministry of Information & Broadcasting today launched the Pilot Phase of the 'Gems of India' Challenge, a structured national initiative to identify, nurture and promote grassroots digital creators from across the country. pic.twitter.com/zVM3nCxhIq
बता दें कि MyWAVES को यूजर-जनरेटेड कंटेंट को बढ़ावा देने और भारत की सांस्कृतिक विविधता को दिखाने वाले प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार किया गया है। अब यही प्लेटफॉर्म 'Gems of India' चैलेंज की नींव बनेगा, जिसमें क्रिएटर्स अपने-अपने जिलों की अनोखी कहानियों को डिजिटल स्टोरीटेलिंग के जरिए दुनिया के सामने पेश कर सकेंगे।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव चंचल कुमार ने कहा कि, "भारत के हर जिले की अपनी एक कहानी है, जिसे दुनिया के सामने लाने की जरूरत है। Gems of India हमारे क्रिएटर्स को इन कहानियों को बताने के लिए एक मंच उपलब्ध कराता है।"
उन्होंने कहा, इस चैलेंज का मकसद क्रिएटर्स का एक मजबूत देशव्यापी नेटवर्क बनाना है। इसके तहत उन्हें अपने जिलों की संस्कृति, विरासत, पर्यटन, परंपराओं, इतिहास और खास उपलब्धियों को वास्तविक डिजिटल स्टोरीटेलिंग के माध्यम से पेश करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
कैसे करें पार्टिसिपेट
इस चैलेंज में शामिल होने के लिए, क्रिएटर्स WAVES OTT प्लेटफॉर्म पर MyWAVES सेक्शन के जरिए 1 से 3 मिनट के वीडियो सबमिट कर सकते हैं। पायलट फेज के लिए सबमिशन विंडो की शुरुआत 1 अगस्त 2026 से होगी और यह प्रक्रिया 31 अगस्त 2026 तक जारी रहेगी।
पायलट फेज का दायरा और पार्टनरशिप
'Gems of India' चैलेंज का पायलट फेज अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव, गोवा और लद्दाख में शुरू किया जा रहा है। यह फेज प्रसार भारती, My Bharat और संबंधित राज्य और जिला प्रशासनों की मिली-जुली कोशिश है। क्रिएटर्स को जोड़ने और कंटेंट बनाने में मदद के लिए स्थानीय सांस्कृतिक और शैक्षणिक संस्थान भी इसमें सक्रिय रूप से शामिल होंगे।
इस पहल को और आगे बढ़ाने के लिए, मंत्रालय इंडस्ट्री की बड़ी कंपनियों YouTube और Meta के साथ मिलकर काम कर रहा है। ये दोनों प्लेटफॉर्म अपने क्रिएटर कम्युनिटी नेटवर्क के माध्यम से इस चैलेंज को लोगों तक पहुंचाने और अधिक से अधिक क्रिएटर्स को जोड़ने में मदद करेंगे।
अवॉर्ड और सम्मान
बेहतरीन टैलेंट को सम्मानित करने के लिए, यह प्रोग्राम जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित अवॉर्ड देगा:
जिला स्तर: हर जिले में अधिकतम 20 क्रिएटर्स को चुना जाएगा और प्रत्येक विजेता को 50,000 रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
राज्य स्तर: हर जिले से एक बेहतरीन क्रिएटर को ₹2 लाख के राज्य-स्तरीय अवॉर्ड के लिए चुना जाएगा।
राष्ट्रीय स्तर: बाद के राष्ट्रीय चरण में चुने गए राज्य स्तरीय विजेताओं को राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयन किया जाएगा। प्रत्येक राष्ट्रीय विजेता को 5 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
निष्पक्ष मूल्यांकन
निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित करने के लिए, संबंधित प्रशासन द्वारा जिला और राज्य जूरी कमेटियां बनाई जाएंगी। इन पैनल में संस्कृति, विरासत, पर्यटन, मीडिया और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े एक्सपेर्ट्स शामिल होंगे।
भविष्य में पूरे देश में विस्तार
इस पायलट चरण के दौरान मिली जानकारी और अनुभव के आधार पर, 'जेम्स ऑफ़ इंडिया चैलेंज' को धीरे-धीरे सभी राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों तक बढ़ाया जाएगा। इसका अंतिम लक्ष्य भारत के हर जिले की अनोखी पहचान और विरासत को प्रदर्शित करने वाले डिजिटल क्रिएटर्स का एक मजबूत और सक्रिय राष्ट्रीय इकोसिस्टम तैयार करना है।