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Monsoon 2026: कमजोर मानसून आपके घर का बजट बिगाड़ने को तैयार, इस नई रिपोर्ट ने पूरा कैलकुलेशन दे दिया!

Food Inflation During Monsoon: आईसीआईसीआई बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में अल-नीनो के कारण कमजोर मानसून से खाद्य पैदावार घटने और सीपीआई (CPI) आधारित महंगाई में 0.4% की बढ़ोतरी होने की आशंका है। हालांकि, भारतीय अर्थव्यवस्था में खेती की बदलती हिस्सेदारी के कारण समग्र विकास पर असर कम होगा, लेकिन ग्रामीण मांग और दालों व तिलहन जैसी फसलों की कीमतों पर दबाव बना रहेगा।

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 30, 2026 पर 10:48 PM
Monsoon 2026: कमजोर मानसून आपके घर का बजट बिगाड़ने को तैयार, इस नई रिपोर्ट ने पूरा कैलकुलेशन दे दिया!

भारत में मानसून में होने वाली बारिश भी रूरल इकॉनमी और महंगाई का मुख्य निर्धारक है। आईसीआईसीआई बैंक की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में मानसून के कमजोर रहने से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई दर में 0.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब खाद्य कीमतों में पहले से ही तेजी के संकेत मिल रहे हैं।

क्यों बढ़ेगी महंगाई? रिपोर्ट का गणित

न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट में बैंक की इस रिपोर्ट का जिक्र किया गया है। इसके मुताबिक भारत के कुल उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) बास्केट में 'फूड बास्केट' का हिस्सा 34.8 प्रतिशत है। इसमें से 6.1 प्रतिशत हिस्सा उन फसलों का है जो पूरी तरह से बारिश पर निर्भर (Rain-fed crops) हैं। जब मानसून कमजोर होता है तो इन फसलों की पैदावार गिरती है और कीमतें बढ़ जाती हैं। वर्तमान में खाद्य महंगाई दर 4.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है, लेकिन खराब मानसून इसे और ऊपर ले जा सकता है। तुलनात्मक रूप से देखें तो 2025 में खाद्य महंगाई औसत 7.3 प्रतिशत रही थी, जो इस साल जनवरी से मार्च के बीच घटकर 3.2 प्रतिशत पर आ गई थी। अब मानसून की बेरुखी इस राहत को खत्म कर सकती है।

इन चीजों की कीमतों में आ सकता है उछाल

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