SIR विवाद पर TMC का बड़ा ऐलान, अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग कार्यालय घेरने की दी धमकी

अभिषेक बनर्जी ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि SIR के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल की मतदाता सूची से वैध मतदाताओं के नाम हटाने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा, "हम SIR के खिलाफ सड़क पर उतरेंगे। जनता के वोट के अधिकार से कोई समझौता नहीं होने दिया जाएगा

अपडेटेड Dec 27, 2025 पर 7:59 PM
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियां तैयारी तेज कर दी हैं।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियां तैयारी तेज कर दी हैं। इस बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शनिवार (27 दिसंबर) दोपहर को कोलकाता स्थित तृणमूल भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी की रणनीति का खुलासा किया। साथ ही SIR के विरोध में भाजपा और चुनाव आयोग पर भी जमकर निशाना साधा और दिल्ली में राष्ट्रीय चुनाव आयोग के कार्यालय घेरने की धमकी भी दी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभिषेक बनर्जी ने बताया कि वे 2 जनवरी से राज्यभर में घर-घर जाकर अभियान शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों में पश्चिम बंगाल सरकार ने जो काम किए हैं, उनका पूरा रिपोर्ट कार्ड लेकर वे जनता के बीच जाएंगे। अभिषेक ने कहा, "मैं पहले भी लोगों के घर-घर गया हूं। एक बार फिर हम सरकार के कामकाज को जनता के सामने रखेंगे और सच बताएंगे।"

अभिषेक बनर्जी ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि SIR के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल की मतदाता सूची से वैध मतदाताओं के नाम हटाने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा, "हम SIR के खिलाफ सड़क पर उतरेंगे। जनता के वोट के अधिकार से कोई समझौता नहीं होने दिया जाएगा।"


इस अभियान की शुरुआत 2 जनवरी को दक्षिण 24 परगना के बरुईपुर से होगी। इसके अगले ही दिन, यानी 3 जनवरी को अभिषेक अलीपुरद्वार जाएंगे। उन्होंने बताया कि यह यात्रा अगले एक महीने तक चलेगी और वे लगातार मैदान में रहेंगे।

तृणमूल कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव का नया नारा भी जारी किया। अभिषेक ने कहा, "अगर कोई बंगाल की जनता के अधिकार छीनना चाहता है, तो उसे जनता के सामने झुकना ही पड़ेगा। जवाब जनता देगी।"

अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग को भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद यह सामने आया है कि अन्य राज्यों की तुलना में बंगाल में कम नाम हटाए गए हैं। इसके बावजूद, 1 करोड़ 36 लाख मतदाताओं के नामों पर सवाल उठाए जा रहे हैं, जो पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है।

उन्होंने साफ कहा कि जरूरत पड़ी तो तृणमूल कांग्रेस दिल्ली में राष्ट्रीय चुनाव आयोग के कार्यालय का घेराव करेगी और यह सवाल करेगी कि आखिर किस आधार पर बंगाल के मतदाताओं को संदेह के घेरे में डाला जा रहा है।

तृणमूल का मानना है कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मतदाता सूची में किया गया यह विशेष संशोधन एक राजनीतिक चाल है। पार्टी का आरोप है कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए प्रशासनिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है। ऐसे में अभिषेक बनर्जी का यह अभियान आगामी चुनावों से पहले बंगाल की राजनीति को और गर्म करने वाला माना जा रहा है।

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