Abhishek Banerjee Attack Update: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर में शनिवार (31 मई) को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के मामले में कोलकाता पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इलाके से जुटाए गए CCTV फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान की गई। सोनारपुर पुलिस स्टेशन ने इस घटना के संबंध में स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज करने के बाद यह गिरफ्तारियां की हैं।
ममता बनर्जी चुनाव के बाद हुई हिंसा में मारे गए एक तृणमूल कार्यकर्ता के परिवार से मिलने सोनारपुर गए थे। इस बीच, अभिषेक बनर्जी पर हमला करने वालों का तृणमूल कांग्रेस से कनेक्शन सामने आने के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है। न्यूज 18 के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए कुछ लोगों के तार सोनारपुर से TMC की पूर्व विधायक लवली मैत्रा से जुड़े पाए गए हैं।
सूत्रों ने बताया कि कोलकाता पुलिस ने जिन लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया है उनमें से कुछ आरोपी तृणमूल कांग्रेस के ही पुराने कार्यकर्ता निकले हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ये आरोपी पहले तृणमूल में थे। लेकिन पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों के बाद वे सभी बीजेपी में शामिल हो गए।
गिरफ्तार किए गए लोगों में तपन माइती और आकाश शामिल हैं, जिन्हें कथित तौर पर इस घटना से जुड़े वीडियो में देखा गया था। पुलिस ने चल रही जांच के तहत इन आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। सूत्रों के अनुसार, तपन माइती और निर्मल्या सेनगुप्ता (जिन्हें 'जॉय' के नाम से भी जाना जाता है) पूर्व TMC विधायक लवली मैत्रा के करीबी थे। कहा जा रहा है कि काजल दास और देबाशीष दत्ता भी पूर्व विधायक से जुड़े हुए थे। ये चारों अब इस मामले में गिरफ्तार किए गए 6 लोगों में शामिल हैं।
इस घटना के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए आकाश गायेन को इलाके में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता के तौर पर जाना जाता है। उनकी मां ने इस बात को माना कि वह TMC से जुड़ा हुआ था और दावा किया कि चुनावों के दौरान वह नियमित रूप से TMC के बूथों पर बैठता था। उन्होंने कहा कि उनके बेटे के पास अभिषेक बनर्जी के प्रति कोई भी रंजिश रखने की कोई वजह नहीं थी। उनके मुताबिक, शुक्रवार दोपहर को घटना के बाद आकाश हमेशा की तरह घर लौटा और बाद में पास के एक मैदान में फ़ुटबॉल खेलने चला गया।
उन्होंने आगे बताया कि पुलिस ने उसी रात बाद में उसे उठा लिया। आकाश की मां ने यह भी कहा कि परिवार को उसकी गिरफ़्तारी की सही वजह के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। आकाश के पिता वैन-रिक्शा चालक के तौर पर काम करते हैं। जबकि आकाश खुद बेरोजगार था। बनर्जी पर हमले के मामले में अरेस्ट एक और आरोपी जॉय सेनगुप्ता हैं, जो एक स्थानीय नेता हैं। वह तृणमूल कांग्रेस के साथ अपने लंबे जुड़ाव के लिए जाने जाते हैं।
पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में सेनगुप्ता को गिरफ्तार किया है। हालांकि, उनके परिवार ने इन आरोपों का ज़ोरदार खंडन किया है। परिवार ने दावा किया है कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है। सोनारपुर इलाके में बंगाल चुनाव बाद हिंसा के पीड़ितों के परिवारों से मिलने पहुंचे अभिषेक बनर्जी के साथ शनिवार 30 मई को दुर्व्यवहार किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने उन पर अंडे, जूते तथा पत्थर फेंके। बनर्जी क्रिकेट हेलमेट पहनकर और अपने सहयोगियों की मदद से बड़ी मुश्किल से भीड़ के बीच से निकल सके।