Bullet Train Project: यमुना प्राधिकरण के तहत आने वाले पांच में से तीन अर्बन सेंटर्स (औद्योगिक टाउनशिप) को बुलेट ट्रेन नेटवर्क से जोड़ने की योजना पर काम तेजी से चल रहा है। दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल प्रोजेक्ट के तहत मथुरा के राया अर्बन सेंटर के पास इटौली गांव और आगरा अर्बन सेंटर के पास एत्मादपुर मदरा गांव के नजदीक बुलेट ट्रेन स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है। इन इलाकों को सिर्फ ट्रांजिट पॉइंट नहीं, बल्कि आधुनिक शहरी विकास केंद्र के रूप में विकसित करने की भी योजना बनाई जा रही है।
इस प्रोजेक्ट के जरिए इन क्षेत्रों में जमीन का बेहतर इस्तेमाल कर राजस्व बढ़ाने की तैयारी है। इसके लिए नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (National High Speed Rail Corporation Limited) ने जमीन की तलाश भी शुरू कर दी है। सोमवार को इस प्रोजेक्ट से जुड़े कंसल्टेंट नाइट फ्रैंक के प्रतिनिधियों ने यमुना प्राधिकरण के ACEO शैलेंद्र भाटिया से मुलाकात की। इस दौरान रूट अलाइनमेंट और स्टेशन की संभावित लोकेशन पर चर्चा हुई।
अधिकारियों के मुताबिक, राया और आगरा अर्बन सेंटर में करीब 250 एकड़ या उससे अधिक जमीन की जरूरत होगी। इस जमीन पर आवासीय और व्यावसायिक दोनों तरह के विकास कार्य किए जाने की योजना है, जिससे इन इलाकों को एक नए शहरी स्वरूप में बदला जा सकेगा।
यह बुलेट ट्रेन परियोजना न सिर्फ तेज यात्रा का साधन बनेगी, बल्कि अतिरिक्त राजस्व कमाने का एक बड़ा जरिया भी साबित हो सकती है। जिन इलाकों से इसका रूट गुजरेगा, वहां स्टेशन के आसपास तेजी से शहरी विकास होने की उम्मीद है। इसको लेकर आगरा विकास प्राधिकरण से कंसल्टेंट कंपनी ने संपर्क किया है। आगरा अर्बन सेंटर को पहले ही इनर रिंग रोड इस बुलेट ट्रेन के स्टेशन से जोड़ेगी। यह स्टेशन आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की एंट्री के पास प्रस्तावित किया गया है।
जल्द होगा यमुना प्राधिकरण में प्रजेंटेशन
कंपनी ने यमुना प्राधिकरण के CEO राकेश कुमार सिंह के लिए एक प्रजेंटेशन भी इस परियोजना के बारे में जानकारी देने के लिए समय मांगा है। ACEO शैलेंद्र भाटिया ने कहा कि कंपनी से पूरी योजना पहले शेयर करने के लिए कहा गया है जिससे प्रजेंटेशन का समय तय किया जा सके।
बुलेट ट्रेन परियोजना: फैक्ट फाइल
दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड कॉरिडोर को लेकर बड़ी योजना तैयार की जा रही है, जो देश के रेल नेटवर्क को एक नए स्तर पर ले जा सकती है।
यह परियोजना न सिर्फ तेज सफर का विकल्प देगी, बल्कि जिन शहरों से होकर गुजरेगी, वहां विकास और आर्थिक गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।