बकरीद से पहले अचानक गाय को लेकर ये क्या डिमांड करने लगे मुस्लिम संगठन! इस फेहरिश्त में हामिद अंसारी भी शामिल

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के एक गुट के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि उन्होंने सबसे पहले साल 2014 में मुंबई में हुए एक सर्वधर्म सम्मेलन में यह मांग उठाई थी। उन्होंने कहा था कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए और गायों की हत्या व अवैध कारोबार रोकने के लिए सख्त कानून बनाए जाने चाहिए। वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने कहा कि वे दिल्ली में मुस्लिम संगठनों की एक बैठक बुलाने की तैयारी कर रहे हैं

अपडेटेड May 25, 2026 पर 11:08 PM
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ईद-उल-अज़हा से पहले कई मुस्लिम संगठन और धर्मगुरु फिर से गाय को लेकर बड़ी मांग उठा रहे हैं

ईद-उल-अजहा से पहले कई मुस्लिम संगठन और धर्मगुरु फिर से यह मांग उठा रहे हैं कि गाय को भारत का राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए। उनका कहना है कि इससे पूरे देश में गायों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों में एक समान व्यवस्था बन सकेगी। अब तक यह मांग ज्यादातर हिंदू संगठनों और BJP नेताओं की तरफ से उठाई जाती रही है, लेकिन अब उत्तर प्रदेश समेत कुछ राज्यों के मुस्लिम समुदाय के लोग भी इसका समर्थन कर रहे हैं। फिलहाल भारत का राष्ट्रीय पशु बाघ है, जबकि गाय को अभी तक कोई आधिकारिक राष्ट्रीय दर्जा नहीं मिला है।

बता दें कि देश के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद आंसारी ने भी गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की है। उन्होंने न्यूज एंजेसी PTI से बात करते हुए कहा कि, " सरकार को गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कर देना चाहिए।"


मौलाना अरशद मदनी ने कही ये बात

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के एक गुट के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि उन्होंने सबसे पहले साल 2014 में मुंबई में हुए एक सर्वधर्म सम्मेलन में यह मांग उठाई थी। उन्होंने कहा था कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाना चाहिए और गायों की हत्या व अवैध कारोबार रोकने के लिए सख्त कानून बनाए जाने चाहिए। वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने कहा कि वे दिल्ली में मुस्लिम संगठनों की एक बैठक बुलाने की तैयारी कर रहे हैं। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपने के लिए एक साझा ज्ञापन तैयार किया जाएगा।

गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के एक गुट के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि उन्होंने सबसे पहले साल 2014 में मुंबई में हुए सर्वधर्म सम्मेलन में गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई थी। उन्होंने गायों की हत्या और उनके अवैध कारोबार को रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की भी अपील की थी। वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी ने कहा कि दिल्ली में मुस्लिम संगठनों की एक बैठक बुलाने की तैयारी की जा रही है। इस बैठक का मकसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपने के लिए एक संयुक्त ज्ञापन तैयार करना है।

मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी का कहना है कि अगर पूरे देश में गायों की सुरक्षा को लेकर एक जैसा कानून लागू हो जाए, तो गाय के नाम पर होने वाली मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है। उनका मानना है कि इससे अलग-अलग राज्यों के कानूनों में मौजूद फर्क भी खत्म होगा। वहीं, ऑल इंडिया कुरैशी जमात के अध्यक्ष सिराज कुरैशी ने भी इस मांग का समर्थन किया है। उनका समुदाय पारंपरिक रूप से मांस व्यापार से जुड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि उनका संगठन इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए तैयार है।

मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी का कहना है कि अगर पूरे देश में गायों की सुरक्षा को लेकर एक जैसा कानून लागू हो जाए, तो गाय के नाम पर होने वाली मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है। उनका मानना है कि इससे अलग-अलग राज्यों के कानूनों में मौजूद फर्क भी खत्म होगा। वहीं, ऑल इंडिया कुरैशी जमात के अध्यक्ष सिराज कुरैशी ने भी इस मांग का समर्थन किया है। उनका समुदाय पारंपरिक रूप से मांस व्यापार से जुड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि उनका संगठन इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए तैयार है।

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