Air India Plan Crash : 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हादसे का शिकार हो गई थी। इस हादसे में 270 लोगों की मौत हो गई थी। इस भयानक हादसे में भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक विश्वास कुमार रमेश अकेले ऐसे व्यक्ति थे जो जिंदा बच पाए। रमेश अपने भाई अजय के साथ विमान में सवार थे, लेकिन हादसे में अजय और अन्य सभी 241 यात्री मारे गए। जलती हुई लपटों और मलबे से सिर्फ रमेश ही बाहर निकल पाए।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, उनके चचेरे भाई ने बताया कि रमेश अब इस दर्दनाक अनुभव से उबरने के लिए मनोचिकित्सक की मदद ले रहे हैं। हादसे के बाद वे शारीरिक रूप से तो ठीक हो रहे हैं, लेकिन मानसिक रूप से अब भी गहरे सदमे में हैं।
भाई की यादें आज भी सताती है
12 जून को हुए भीषण एयर इंडिया हादसे में ज़िंदा बचे एकमात्र यात्री विश्वास कुमार रमेश अब भी इमोशनल सदमे से जूझ रहे हैं। उनके चचेरे भाई सनी ने बताया कि दुर्घटनास्थल की भयावह यादें, खुद के बच जाने का एहसास और भाई अजय की मौत का ग़म उन्हें आज भी बहुत परेशान करता है। सनी के अनुसार, विदेश में रहने वाले कई रिश्तेदार विश्वास का हाल जानने के लिए फोन करते हैं, लेकिन वह किसी से बात नहीं करते। वह अब तक हादसे और भाई की मौत के सदमे से उबर नहीं पाए हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि विश्वास कई बार आधी रात को अचानक जाग जाते हैं, और फिर उन्हें फिर से नींद लेने में मुश्किल होती है। परिवार अब उन्हें मानसिक रूप से ठीक करने के लिए हरसंभव मदद देने की कोशिश कर रहा है।
आधी रात को चौंक कर उठ जाते हैं विश्वास
विश्वास कुमार रमेश के चचेरे भाई सनी ने बताया कि विश्वास अक्सर आधी रात को चौंक कर उठ जाते हैं और उन्हें दोबारा सोने में परेशानी होती है। उन्होंने बताया, “दो दिन पहले हम उन्हें एक मनोचिकित्सक के पास लेकर गए थे ताकि इलाज शुरू हो सके। विश्वास ने अब तक लंदन लौटने की कोई योजना नहीं बनाई है, क्योंकि उनका इलाज अभी शुरू हुआ है।” विश्वास को 17 जून को अहमदाबाद सिविल अस्पताल से छुट्टी मिली थी, और उसी दिन डीएनए मिलान के बाद उनके भाई अजय का पार्थिव शरीर परिवार को सौंपा गया था।
हादसे से पहले, विश्वास और अजय दोनों दीव में अपने परिवार से मिलने आए थे और वहीं से एयर इंडिया की फ्लाइट से लंदन लौट रहे थे। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में, 18 जून को विश्वास को अपने भाई के पार्थिव शरीर को कंधे पर उठाकर दीव के श्मशान घाट ले जाते हुए देखा गया था। यह पल पूरे देश को भावुक कर गया था।
हादसे को याद करते हुए विश्वास कुमार रमेश ने बताया था कि, एयर इंडिया विमान ने जैसे ही उड़ान भरी, कुछ ही सेकंड में वह रुक गया और हादसा हो गया। उन्होंने बताया कि उनकी सीट 11A थी, जो विमान के बाईं ओर आपातकालीन दरवाजे के पास थी। विश्वास ने कहा, “सौभाग्य से, विमान जब दुर्घटनाग्रस्त हुआ, तो वह हिस्सा जिसमें मैं बैठा था, मेडिकल कॉलेज के छात्रावास के ग्रांउड फ्लोर पर गिरा। जब मैंने देखा कि दरवाजा टूटा हुआ है, तो मैंने सोचा कि मुझे बाहर निकलने की कोशिश करनी चाहिए… और मैं किसी तरह बाहर निकल आया।”
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