Monsoon Tracker: बिहार, झारखंड के बाद अब इन इलाकों की ओर बढ़ा मानसून, IMD ने भारी बारिश का अलर्ट दिया

Monsoon Tracker: आईएमडी का कहना है कि आने वाले दिनों में मानसून पश्चिमी, मध्य और पूर्वी भारत के और अधिक क्षेत्रों को कवर कर सकता है। इससे कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने अपने बयान में कहा है कि अगले 4 से 5 दिनों के दौरान महाराष्ट्र के कुछ और हिस्सों, कर्नाटक के शेष क्षेत्रों, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए हालात पूरी तरह अनुकूल बने हुए हैं

अपडेटेड Jun 15, 2026 पर 2:31 PM
Monsoon Tracker: मानसून आते ही मौसम सुहावना हो जाता है और गर्मी से राहत मिलती है

Monsoon Tracker:  देशभर में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और कई राज्यों में लगातार भारी बारिश हो रही है। अल-नीनो जैसी परिस्थितियों के बावजूद मॉनसून अच्छी रफ्तार से आगे बढ़ते हुए महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और पूर्वोत्तर के सभी राज्यों तक पहुंच चुका है। भारत मौसम विभाग (IMD) ने अगले 6 से 7 दिनों के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसके लिए देश के कई हिस्सों में परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।

आईएमडी का कहना है कि आने वाले दिनों में मानसून पश्चिमी, मध्य और पूर्वी भारत के और अधिक क्षेत्रों को कवर कर सकता है। इससे कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने अपने बयान में कहा है कि अगले 4 से 5 दिनों के दौरान महाराष्ट्र के कुछ और हिस्सों, कर्नाटक के शेष क्षेत्रों, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार और दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए हालात पूरी तरह अनुकूल बने हुए हैं। इसके चलते इन राज्यों में आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में तेजी देखने को मिल सकती है।

मानसून की रफ्तार तेज


दक्षिण-पश्चिम मानसून इस साल 4 जून को केरल पहुंचा था, जो सामान्य तारीख 1 जून से तीन दिन बाद था। हालांकि, इसके बाद मानसून ने अच्छी रफ्तार पकड़ी और अब तक केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार के कई हिस्सों के साथ-साथ पूरे पूर्वोत्तर भारत को कवर कर चुका है। भारत में सालभर होने वाली कुल बारिश का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा दक्षिण-पश्चिम मानसून से मिलता है। यही वजह है कि यह किसानों और देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। अच्छी मानसूनी बारिश से खरीफ फसलों की बुवाई को मदद मिलती है, ग्रामीण क्षेत्रों में मांग बढ़ती है और आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलता है।

एक ओर जहां पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में आने वाले दिनों में भारी बारिश होने की संभावना है, वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्रों के कुछ इलाकों में अगले तीन से चार दिनों तक गर्म हवाएं और लू का असर बना रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग-अलग बना रहेगा, जहां कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश होगी तो कुछ इलाकों में गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है।

लू को लेकर मौसम विभाग की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में तापमान बढ़ने की संभावना जताई है। साथ ही महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में लू चलने की भी आशंका व्यक्त की गई है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में 18 जून तक अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।

वहीं, मध्य भारत के कई हिस्सों में भी 16 जून तक दिन का तापमान धीरे-धीरे बढ़ सकता है। इसके बाद मौसम अपेक्षाकृत स्थिर रहने का अनुमान है। महाराष्ट्र की बात करें तो 18 जून तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं दिखेगा। हालांकि, 19 और 20 जून के दौरान तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को गर्मी और लू से बचने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।

कई राज्यों में बढ़ेगी गर्मी

मौसम विभाग के अनुसार, देश के अधिकांश हिस्सों में 19 जून तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। हालांकि, महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में लोगों को अभी भी भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 15 से 17 जून के दौरान मराठवाड़ा और 15 से 16 जून के दौरान विदर्भ के कुछ क्षेत्रों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। विभाग ने इन इलाकों के लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है, ताकि गर्मी से जुड़ी बीमारियों से बचा जा सके।

इसके अलावा, 15 से 17 जून के बीच कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में गर्मी के साथ उमस भी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। वहीं, 15 और 16 जून को कोंकण और गोवा के कुछ हिस्सों में रात के समय भी गर्मी बनी रह सकती है। तापमान में ज्यादा गिरावट न होने के कारण लोगों को रात में भी असहजता महसूस हो सकती है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 13 जून को मध्य भारत, पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों, उत्तर-पश्चिम भारत, गुजरात, महाराष्ट्र के आंतरिक क्षेत्रों और तेलंगाना में कई स्थानों पर अधिकतम तापमान 36 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। इस दौरान देश में सबसे अधिक तापमान गुजरात के भावनगर में रिकॉर्ड किया गया, जहां पारा 41.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

मछुआरों के लिए मौसम विभाग की अहम चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में मछली पकड़ने वाले मछुआरों के लिए कई दिनों की समुद्री चेतावनी जारी की है। खराब मौसम और तेज हवाओं को देखते हुए समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में 14 से 19 जून के बीच मन्नार की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र, श्रीलंका के तटीय इलाकों, दक्षिणी बंगाल की खाड़ी के बड़े हिस्सों, ओडिशा तट के आसपास, अंडमान सागर और म्यांमार तट से जुड़े कुछ क्षेत्रों में समुद्र की स्थिति खराब रह सकती है। इसलिए मछुआरों को इन इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।

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