Ajit Pawar Death: महाराष्ट्र के बारामती में बुधवार (28 जनवरी) को हुए दर्दनाक प्लेन क्रैश में जान गंवाने वाली फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली का एक वादा अधूरा रह गया है। उनके पिता ने बताया कि उनकी बेटी ने आज उनसे बात करने का वादा किया था। यह कहते हुए वह रो पड़े कि अब उनकी बातचीत कभी नहीं हो पाएगी। प्लेन क्रैश में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और पिंकी समेत पांच लोगों की मौत हो गई। पिंकी दिल्ली की एक कंपनी VSR वेंचर्स के Learjet 46 में फ्लाइट अटेंडेंट थी, जो बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया।
प्लेन में दो क्रू मेंबर समेत कुल पांच लोग सवार थे। मध्य मुंबई में प्रभादेवी के निवासी शिवकुमार ने बेटी से आखिरी बार हुई बातचीत को याद किया। उन्होंने बताया कि उसने कहा था, "पापा, मैं कल (बुधवार को) विमान में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के साथ बारामती जाऊंगी। उन्हें वहां छोड़ने के बाद मैं नांदेड़ जाऊंगी और होटल पहुंचने के बाद आपसे बात करूंगी।"
शिवकुमार ने कहा कि पिंकी इससे पहले राष्ट्रपति, मुख्यमंत्रियों और कई राजनीतिक नेताओं के साथ विमान में उड़ान भर चुकी थीं। उन्होंने कहा कि पिंकी चौथी बार अजित पवार के साथ विमान में रवाना हुई थीं। शिवकुमार ने नम आंखों के साथ पीटीआई से कहा, "मैंने कल 27 जनवरी की शाम उससे बात की थी और उसने मुझे बताया था कि वह उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के साथ बारामती जाएगी। फिर नांदेड़ रवाना होगी। मैंने उससे कहा था कि तुम्हारी ड्यूटी खत्म होने के बाद कल बात करेंगे। लेकिन वह कल अब कभी नहीं आएगा।"
शिवकुमार भी अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय नेता समाधान सर्वंकर ने उन्हें विमान हादसे के बारे में बताया। उन्होंने कहा, "मैंने टीवी खोला तो खबर देखकर मैं स्तब्ध रह गया।" दोनों बाप बेटी की 16 जनवरी को मुलाकात हुई थी। उस दिन पिंकी नगर निकाय चुनाव में वोट डालने के लिए ठाणे से प्रभादेवी पहुंची थीं।
उन्होंने कहा कि पिंकी पिछले पांच साल से फ्लाइट अटेंडेंट के तौर पर काम कर रही थी। शिवकुमार ने कहा कि पिंकी ने अपना करियर एयर इंडिया से शुरू किया था। कुछ साल बाद वह एक निजी चार्टर्ड फ्लाइट कंपनी में काम करने लगी थी।
शिवकुमार ने कहा, "अजीत पवार के साथ हालिया उड़ान के दौरान मेरी बेटी ने उनसे शिकायत की थी कि वह पूरे महाराष्ट्र की यात्रा कर रहे हैं। लेकिन NCP कार्यकर्ताओं की ओर ध्यान नहीं दे रहे। जब पवार ने उससे पूछा कि उसे ऐसा क्यों लगा तो पिंकी ने उन्हें बताया कि मैं (शिवकुमार) 35 साल से NCP का कार्यकर्ता हूं।"
उन्होंने कहा कि इस बातचीत के बाद पवार ने उन्हें कॉल की थी। शिवकुमार ने कहा, "मैं कार चला रहा था, तब कॉल नहीं उठा पाया। इसके बाद मुझे संदेश मिला कि पवार मुझसे बात करना चाहते थे। वह कॉल भी कभी दोबारा नहीं आएगी।"
दुर्घटना के बारे में पता चलने के बाद शिवकुमार और उनका परिवार बारामती के लिए रवाना हो गया। पवार और पिंकी के अलावा अन्य मृतकों की पहचान विदीप जाधव, कैप्टन शांभवी पाठक और कैप्टन सुमित कपूर के रूप में हुई है।