Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और चार अन्य लोगों की बुधवार (28 जनवरी) सुबह पुणे जिले में विमान दुर्घटना में दुखद मौत हो गई। पवार पांच फरवरी को होने वाले जिला परिषद चुनाव के लिए पुणे जिले में चार रैलियों को संबोधित करने के वास्ते सुबह मुंबई से रवाना हुए थे। उन्होंने बताया कि मृतकों में चालक दल के दो सदस्य भी शामिल हैं। रनवे पर उतरने से पहले प्लेन लो विजिबिलिटी की वजह से हादसे का शिकार हो गया।
इस दर्दनाक हादसे में अजीत पवार के साथ उनके निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) एचसी विदिप जाधव, दो पायलट कैप्टन सुमित कपूर, कैप्टन शांभवी पाठक और फ्लाइट अटेंडेंट/कैबिन स्टाफ पिंकी माली की भी मौत हो गई। सभी के शव जली हुई हालत में बरामद किए गए हैं।
आर्मी ऑफिसर की बेटी कैप्टन शांभवी पाठक भारत में लीयरजेट पर को-पायलट के तौर पर काम करने वाली पहली ऑफिसर थीं। उन्होंने 2018 में एयर फोर्स बाल भारती स्कूल से अपनी स्कूल की पढ़ाई पूरी की। उसके बाद उन्होंने न्यूजीलैंड इंटरनेशनल कमर्शियल पायलट एकेडमी से कमर्शियल पायलट और फ्लाइट क्रू ट्रेनिंग ली। कैप्टन शांभवी पाठक ही इस प्लेन को उड़ा रही थीं।
उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से एयरोनॉटिक्स, एविएशन और एयरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी में बैचलर ऑफ साइंस की डिग्री हासिल की। फिर बाद में मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब में असिस्टेंट फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर के तौर पर काम किया। उनके पास फ्लाइट इंस्ट्रक्टर रेटिंग (A) भी थी। उन्हें DGCA से फ्रोजन एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस (ATPL) मिला था।
कैप्टन सुमित कपूर उस बदकिस्मत Learjet 45 विमान के पायलट-इन-कमांड (PIC) थे। वह 16,500 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव रखने वाले एक बहुत अनुभवी पायलट थे। उन्हें बिज़नेस जेट ऑपरेशन में एक अनुभवी प्रोफेशनल माना जाता था।
उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के भैंसा गांव की रहने वाली पिंकी माली उस बदकिस्मत विमान में फ्लाइट अटेंडेंट थीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी शादी चार साल पहले हुई थी। वह पिछले आठ सालों से एयर होस्टेस के तौर पर काम कर रही थीं।
अजीत पवार के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) जाधव भी उन लोगों में शामिल थे जिनकी प्लेन क्रैश में दुखद मौत हो गई। वह अपने परिवार के साथ ठाणे में रहते थे। उनके परिवार में उनके बूढ़े माता-पिता, एक 9 साल का बेटा और एक 14 साल की बेटी हैं। कृष्णा विहार में उनका घर बंद है। उनके माता-पिता अपने पैतृक स्थान चले गए हैं।