प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2026 को 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से देश को संबोधित किया। यह उनका लगातार 13वां स्वतंत्रता दिवस भाषण था। करीब 75 मिनट के संबोधन में उन्होंने भारत के विकास, आत्मनिर्भरता, युवाओं, तकनीक और देश के भविष्य को लेकर कई अहम बातें कहीं। उन्होंने देशवासियों से बड़े लक्ष्य तय करने और मिलकर भारत को आगे बढ़ाने की अपील की।
इस साल पीएम मोदी का भाषण 75 मिनट का रहा। 2025 में उन्होंने 103 मिनट का भाषण दिया था, जो उनका अब तक का सबसे लंबा संबोधन था। 2024 में उनका भाषण 98 मिनट और 2016 में 96 मिनट का रहा था। वहीं 2017 में उन्होंने 56 मिनट का सबसे छोटा भाषण दिया था। पीएम मोदी ने 2014 में पहली बार लाल किले से स्वतंत्रता दिवस पर भाषण दिया था। तब उनका संबोधन 65 मिनट का था। इसके बाद 2015 में 88, 2018 में 83, 2019 में करीब 92 और 2020 में 90 मिनट का भाषण रहा। 2021 में 88, 2022 में 74 और 2023 में 90 मिनट तक उन्होंने देश को संबोधित किया।
लगातार 13वीं बार लाल किले से संबोधन
2026 में पीएम मोदी ने लगातार 13वीं बार लाल किले से स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोधित किया। पिछले साल लगातार 12 बार भाषण देने के बाद वह इंदिरा गांधी से आगे निकल गए थे। अब वह इस मामले में केवल जवाहरलाल नेहरू से पीछे हैं। नेहरू ने लगातार 17 बार लाल किले से भाषण दिया था।
वंदे मातरम् और तिरंगे का जिक्र
पीएम मोदी ने भाषण की शुरुआत वंदे मातरम् और तिरंगे के जिक्र से की। उन्होंने देश के स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि आजादी के लिए अपना जीवन देने वाले वीरों को देश हमेशा याद रखेगा।
2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
पीएम मोदी ने कहा कि भारत को अब छोटे सपनों के साथ आगे नहीं बढ़ना चाहिए। देश ने 2047 तक विकसित भारत बनने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि यह सपना तभी पूरा होगा, जब सरकार के साथ देश के नागरिक भी इसमें अपनी भूमिका निभाएंगे।
12 साल की उपलब्धियों का जिक्र
प्रधानमंत्री ने अपने 12 साल के कार्यकाल में हुए बदलावों की भी बात की। उन्होंने कहा कि करीब 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। रक्षा उत्पादन, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल फोन, रेलवे और खादी जैसे क्षेत्रों में भी बढ़ोतरी हुई है। डिजिटल लेन-देन और सौर ऊर्जा में भी देश ने तेजी से प्रगति की है।
पीएम मोदी ने आत्मनिर्भर भारत को जरूरी बताते हुए मेक इन इंडिया, स्वदेशी और लोकल फॉर लोकल पर जोर दिया। उन्होंने सेमीकंडक्टर, ऊर्जा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में भारत को मजबूत बनाने की बात कही।
सप्तधारा और युवाओं पर फोकस
प्रधानमंत्री ने विकास के लिए सप्तधारा का जिक्र किया। इसमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि, तकनीक, गति शक्ति, रक्षा, ग्रीन इकोनॉमी और सॉफ्ट पावर शामिल हैं। उन्होंने युवाओं को देश की बड़ी ताकत बताया। छात्रों के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग देने का ऐलान किया। साथ ही एक करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य भी बताया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति विकसित भारत बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।