बिहार: समस्तीपुर के उजियारपुर के रहने वाले अमरदीप कुमार ने करीब 27 लाख रुपये की नौकरी का मौका छोड़कर गांव लौटने का फैसला किया। उन्होंने भारत और दूसरे देशों में काम किया था, लेकिन बाद में अपना काम शुरू करने का फैसला लिया। उनका मकसद खुद के साथ गांव के लोगों को भी रोजगार देना था।
लोकल 18 के रिपोर्टर अमित कुमार की रिपोर्ट के मुताबिक, आज अमरदीप अगरबत्ती के कारोबार के साथ किसानों के लिए भी काम कर रहे हैं। उनके अगरबत्ती और FPO (Farmer Producer Organization) से जुड़े कारोबार का सालाना टर्नओवर 3 करोड़ रुपये से ज्यादा है।
अमरदीप ने गांव में अगरबत्ती की फैक्ट्री शुरू की। उनकी ‘मोरंग देश’ अगरबत्ती अब विदेशों तक भी पहुंच रही है। इसके साथ उन्होंने ‘सांथू FPO’ की शुरुआत की और वह कई दूसरे काम भी कर रहे हैं जैसे
• किसानों को जरूरी सामान कम कीमत पर दिलाने की कोशिश
• खेती की लागत कम करने पर जोर
• किसानों को बेहतर बाजार दिलाने की कोशिश
• खेती में नई तकनीक पर भी काम
अमरदीप का मानना है कि किसानों की कमाई बढ़ाने के लिए सिर्फ फसल ज्यादा उगाना काफी नहीं है। खेती का खर्च कम करना भी जरूरी है। इसी वजह से वे खेती में नई तकनीक और बेहतर तरीकों को अपनाने पर काम कर रहे हैं।
उन्हें पूसा विश्वविद्यालय और कुछ दूसरे संस्थानों से मदद मिली है। वे हैदराबाद जाकर खेती के नए तरीके समझकर आए। उनका मानना है कि इन तरीकों को बिहार में अपनाकर किसानों को फायदा पहुंचाया जा सकता है। वे मिट्टी की क्वालिटी सुधारने पर भी काम कर रहे हैं।
3 करोड़ से ज्यादा का कारोबार
अमरदीप अब अगरबत्ती के साथ फल और सब्जियों को भी बड़े बाजार तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। उनके अगरबत्ती और FPO के कारोबार से सालाना 3 करोड़ रुपये से ज्यादा का टर्नओवर होता है। उनके काम से गांव के लोगों को रोजगार मिल रहा है और किसानों को अपनी फसल की बेहतर कीमत मिल रही है।
अमरदीप के लिए 27 लाख रुपये की नौकरी छोड़कर गांव लौटना आसान फैसला नहीं था। लेकिन उनका मानना है कि असली सफलता सिर्फ खुद आगे बढ़ने में नहीं, बल्कि अपने साथ दूसरे लोगों को आगे बढ़ाने में भी है।