भारतीय रेलवे अमृत भारत एक्सप्रेस को और बेहतर बनाने की तैयारी कर रहा है। इसके नए वर्जन अमृत भारत 3.0 में यात्रियों को AC कोच के साथ पहले से ज्यादा सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। इसका उद्देश्य लंबी दूरी की यात्रा को आरामदायक और सुविधाजनक बनाना है, जिससे यात्रियों को सफर के दौरान बेहतर एक्सपीरीएंस मिल सके। अमृत भारत एक्सप्रेस नॉन-एसी लंबी दूरी की पैसेंजर ट्रेन है, जिसमें जनरल और स्लीपर कोच होते हैं। अब रेलवे इसके नए वर्जन अमृत भारत 3.0 में AC कोच जोड़ने की तैयारी कर रहा है।
अमृत भारत एक्सप्रेस में अब AC फर्स्ट क्लास, AC 2-टियर और AC 3-टियर के कोच मिलने की उम्मीद है। इससे लंबी दूरी का सफर करने वाले यात्रियों को अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से अलग-अलग कोच चुनने का विकल्प मिलेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमृत भारत 3.0 एक्सप्रेस इस वित्तीय वर्ष में लॉन्च होने की उम्मीद है।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन जैसी होगी सुविधाएं
अमृत भारत 3.0 के AC कोच में यात्रियों को बेहतर और आरामदायक सफर देने के लिए कई नई सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। इन कोचों का डिजाइन वंदे भारत स्लीपर और राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों से प्रेरित होगा। यात्रियों को स्नैक रखने के लिए फोल्डेबल टेबल, मोबाइल और बोतल होल्डर, USB-A और USB-C चार्जिंग पोर्ट, आरामदायक सीट-बर्थ, आधुनिक टॉयलेट और बेहतर लाइटिंग जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं। इससे लंबी दूरी की यात्रा पहले के मुकाबले ज्यादा सुविधाजनक हो सकती है।
ज्यादा आरामदायक होगी यात्रा
अमृत भारत 3.0 में AC कोच जोड़ने का मकसद यात्रियों को ज्यादा आराम देना है। इस ट्रेन के नए वर्जन से आम ट्रेनों और वंदे भारत व राजधानी जैसी महंगी ट्रेनों के बीच का अंतर कुछ कम होने की उम्मीद है। इससे यात्रियों को वंदे भारत और राजधानी जैसी महंगी ट्रेनों के मुकाबले कम खर्च में आरामदायक सफर का विकल्प मिल सकता है।
100 फीसदी से भी ऊपर है ऑक्यूपेंसी
अमृत भारत एक्सप्रेस में ट्रेन के दोनों तरफ इंजन लगाए जाते हैं, जिसे पुश-पुल तकनीक कहा जाता है। इस तकनीक की मदद से ट्रेन तेजी से रफ्तार पकड़ सकती है और समय पर धीमी भी हो सकती है। सही और उपयुक्त रूट पर अमृत भारत ट्रेनें 130 किलोमीटर प्रति घंटे तक की स्पीड से चल सकती हैं। TOI के रिपोर्ट के मुताबिक, अमृत भारत एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में यात्रियों की संख्या काफी ज्यादा है। इसकी औसत ऑक्यूपेंसी 100 फीसदी से भी ऊपर दर्ज की गई है। इससे साफ है कि कम किराए में लंबी दूरी की यात्रा करने वाली इन ट्रेनों की लोगों के बीच काफी मांग है।