Anant Ashray: नीता अंबानी का बड़ा ऐलान! अनाथ बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों को मिलेगा अपना घर, 100 एकड़ में बनेगा 'अनंत आश्रय'

Nita Ambani Anant Ashray Project: रिलायंस फाउंडेशन द्वारा महाराष्ट्र के कर्जत में 5,000 से अधिक लोगों (अनाथ, बुजुर्ग, दिव्यांगों) के लिए 100 एकड़ में आवास बनाए जाएंगे जिसमें मेडिकल सुविधाएं भी होंगी। रिलायंस फाउंडेशन की फाउंडर और चेयरपर्सन नीता अंबानी ने रविवार को 'नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय' का भूमिपूजन किया

अपडेटेड Nov 02, 2026 पर 9:23 AM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
Nita Ambani Anant Ashray Project: नीता अंबानी ने कहा कि 'अनंत आश्रय' उनके और उनके परिवार के दिल के बेहद करीब है

Nita Ambani Anant Ashray Project: रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक और चेयरपर्सन नीता अंबानी ने अनाथ बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए एक बड़ी पहल की घोषणा की है। इस पहल का नाम 'नीता मुकेश अंबानी अनंत आश्रय (Nita Mukesh Ambani Anant Ashray)' रखा गया है। महाराष्ट्र के कर्जत में करीब 100 एकड़ में बनने वाला यह परिसर 5,000 से अधिक अनाथ बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों को घर-परिवार जैसा माहौल और देखभाल उपलब्ध कराएगा। इसका उद्देश्य ऐसे लोगों को स्थायी घर, सुरक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है, जिन्हें जीवन में परिवार के सहारे की कमी महसूस होती है।

इस परियोजना का भूमिपूजन और शिलान्यास रविवार 1 नवंबर को मुंबई के पास महाराष्ट्र के कर्जत में रिलायंस फाउंडेशन की फाउंडर और चेयरपर्सन नीता अंबानी ने किया। इस परियोजना को ऐसे आवासीय परिसर के रूप में विकसित करने की योजना है, जहां अलग-अलग उम्र और जरूरतों वाले लोगों को एक सुरक्षित और सहयोगपूर्ण वातावरण मिल सके।

यहां बच्चों को शिक्षा, बुजुर्गों को देखभाल और साथ मिलेगा। जबकि दिव्यांग व्यक्तियों को उनकी जरूरत के अनुसार इलाज, पुनर्वास और विशेष सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। भूमिपूजन के अवसर पर नीता अंबानी ने कहा कि अनंत आश्रय उनके और उनके परिवार के दिल के बेहद करीब है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यहां हर उम्र के व्यक्ति को गरिमा के साथ जीने और हर नए दिन की ओर उम्मीद से देखने का अवसर मिलेगा।


'हर बच्चे को प्यार और सुरक्षा मिलनी चाहिए'

इस पहल के पीछे की सोच बताते हुए नीता अंबानी ने कहा कि हर बच्चे को प्यार, सुरक्षा और देखभाल पाने का अधिकार है, भले ही उसके माता-पिता उसके साथ न हों। उन्होंने कहा, "मैं एक मां हूं और जानती हूं कि एक मां के लिए सबसे बड़ी खुशी अपने बच्चों को खुश, सुरक्षित और स्वस्थ देखना है। हर बच्चा उस प्यार और सुरक्षा का हकदार है, भले ही उसके पास माता-पिता न हों..। 'अनंत आश्रय' उन सवालों का जवाब देने और उन लोगों के लिए एक परिवार बनाने की हमारी विनम्र कोशिश है, जिन्होंने अपना परिवार खो दिया है या कभी परिवार का स्नेह महसूस ही नहीं किया।"

नीता अंबानी ने कहा कि इस केंद्र में बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने, सुरक्षित माहौल में बड़े होने और अपने सपनों को पूरा करने के अवसर मिलेंगे। वहीं बुजुर्गों को सम्मान, साथ और उनकी जरूरतों के मुताबिक देखभाल उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा, "एक मां के तौर पर मेरी सबसे बड़ी उम्मीद है कि जिन माता-पिता को जीवनभर यह चिंता रही है कि उनके न रहने पर बच्चों की देखभाल कौन करेगा, उन्हें यह भरोसा मिल सके कि उनके बच्चे का हमेशा अपना घर और परिवार होगा।"

100 एकड़ में विकसित होगा 'अनंत आश्रय', बनेंगे 8 आवासीय गांव

'अनंत आश्रय' परियोजना करीब 100 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी। इसकी खास बात यह होगी कि इसमें आठ आवासीय गांव बनाए जाएंगे। इन सभी गांवों के नाम भारत की पवित्र नदियों के नाम पर रखे जाएंगे। यहां रहने वाले लोगों को बड़े संस्थागत भवनों के बजाय छोटे-छोटे घरों में रखा जाएगा। प्रत्येक आवासीय क्षेत्र में उनकी देखभाल के लिए समर्पित केयरगिवर्स और हाउस पैरेंट्स नियुक्त किए जाएंगे, ताकि हर व्यक्ति को व्यक्तिगत स्तर पर सहयोग और पारिवारिक माहौल मिल सके। प्रोजेक्ट में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति की जरूरतों के अनुसार अलग-अलग देखभाल योजना तैयार की जाएगी। इसमें उनकी स्वास्थ्य स्थिति, शिक्षा की जरूरत और व्यक्तिगत आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाएगा।

अस्पताल से लेकर पुनर्वास केंद्र तक, एक ही जगह मिलेंगी सभी हाईटेक सुविधाएं

'अनंत आश्रय' को केवल रहने की जगह के रूप में नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मनिर्भरता से जुड़ी सुविधाओं वाले एक संपूर्ण परिसर के रूप में विकसित करने की योजना है।

इसमें कई महत्वपूर्ण सुविधाएं प्रस्तावित हैं:-

  • विशेष अस्पताल: स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए विशेष इलाज की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
  • पुनर्वास केंद्र: दिव्यांग व्यक्तियों और विशेष जरूरत वाले लोगों के लिए रिहैबिलिटेशन की सुविधा होगी।
  • समावेशी स्कूल: बच्चों को शिक्षा के अवसर दिए जाएंगे।
  • खेल सुविधाएं: शारीरिक और मानसिक विकास के लिए खेल परिसर बनाए जाएंगे।
  • गार्डन और हरियाली: प्राकृतिक वातावरण के बीच रहने की व्यवस्था होगी।
  • वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर: लोगों को हुनर सिखाकर आत्मनिर्भर बनाने के अवसर मिलेंगे।
  • बेकरी और कैफे: परिसर में रोजगार और गतिविधियों से जुड़े स्थान विकसित किए जाएंगे।
  • क्राफ्ट स्टूडियो: कला और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • एनिमल कंपैनियनशिप फार्म: लोगों को जानवरों के साथ समय बिताने और भावनात्मक जुड़ाव का अवसर मिलेगा।
  • हॉस्पिस विंग: विशेष देखभाल की जरूरत वाले लोगों के लिए सुविधा प्रस्तावित है।
  • इसके अलावा परिसर में डॉक्टर, नर्स और थेरेपिस्ट की टीम भी होगी, जो जरूरतमंद लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराएगी।

ऑटिज्म और सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित लोगों को भी मिलेगी विशेष देखभाल

इस प्रोजेक्ट का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य उन लोगों की सहायता करना भी है, जिन्हें लंबे समय तक चिकित्सा और विशेष देखभाल की जरूरत होती है। इसमें ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी, मिर्गी और अन्य विकास संबंधी दिव्यांगताओं से प्रभावित लोगों को भी शामिल किया जाएगा। ऐसे लोगों की स्वास्थ्य स्थिति और व्यक्तिगत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उनकी देखभाल की योजना बनाई जाएगी। अस्पताल, पुनर्वास केंद्र, डॉक्टरों, नर्सों और थेरेपिस्ट की मदद से उन्हें नियमित मेडिकल सहायता उपलब्ध कराने की योजना है।

आसपास के गांवों के 1,000 लोगों को भी मिलेगा फायदा

'अनंत आश्रय' का लाभ सिर्फ परिसर में रहने वाले लोगों तक सीमित नहीं रहेगा। इस पहल के तहत आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों को भी सहायता देने की योजना बनाई गई है। इस प्रोजेक्ट से क्षेत्र के करीब 1,000 लोगों को थेरेपी, एजुकेशन और रोजगार के अवसरों के माध्यम से लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा आसपास के गांवों के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाएं और आउटरीच कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। इससे स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य और अन्य जरूरी सुविधाओं तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।

चरणबद्ध तरीके से विकसित होगी परियोजना

'अनंत आश्रय' प्रोजेक्ट को जरूरी सरकारी और अन्य अनुमतियां मिलने के अधीन चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। इसे एक गैर-लाभकारी संस्था के रूप में संचालित करने की परिकल्पना की गई है। इस पहल का उद्देश्य अलग-अलग आयु वर्ग और अलग-अलग जरूरतों वाले लोगों को ऐसा स्थान देना है, जहां वे सम्मान, देखभाल, सुरक्षा और अपनेपन के साथ जीवन बिता सकें। नीता अंबानी की यह पहल अनाथ बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए एक ऐसा सुरक्षित आवासीय वातावरण तैयार करने की दिशा में है, जहां उन्हें सिर्फ रहने की जगह ही नहीं। बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता और पारिवारिक माहौल भी मिल सके।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।