Anant Singh: अपराध की दुनिया से राजनीति में आए जनता दल यूनाइटेड (JDU) के बाहुबली नेता अनंत कुमार सिंह को बिहार विधानसभा के सदस्य के रूप में शपथ दिलाने के लिए मंगलवार (3 फरवरी) को जेल से सदन लाया गया। मोकामा से JDU विधायक अनंत सिंह ने मंगलवार को बिहार विधानसभा के सदस्य के तौर पर शपथ ली। सिंह दुलारचंद यादव मर्डर केस में तीन महीने से न्यायिक हिरासत में हैं।
शपथ के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पैर छू कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने बिना कागज पढ़े शपथ ग्रहण समारोह पूरा कर लिया मोकामा से विधायक सिंह को पिछले साल विधानसभा चुनाव से पहले गिरफ्तार किया गया था। उन्हें प्रतिद्वंद्वी गैंगस्टर दुलार चंद यादव की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यादव, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के स्थानीय उम्मीदवार का समर्थन कर रहा था।
सिंह को अब तक जमानत नहीं मिल सकी है। उन्हें पैरोल पर विधानसभा आने की अनुमति दी गई थी। शपथ ग्रहण के बाद अनंत सिंह ने अपने राजनीतिक गुरु एवं राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पैर छुए। इसके बाद वे वापस जेल वाहन में बैठ गए। विधानसभा परिसर से रवाना होने से पहले उन्होंने बाहर मौजूद पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत की।
कुछ समय के लिए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से जुड़े रहे सिंह ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा, "उनकी राजनीतिक हैसियत खत्म हो चुकी है। अगली बार उन्हें किसी और पार्टी के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ना पड़ सकता है।"
पटना सिविल कोर्ट ने अनंत सिंह को सिर्फ शपथ लेने के लिए इजाजत दी थी। उनकी जमानत अभी मंज़ूर नहीं हुई है। इसलिए विधानसभा की कार्यवाही खत्म होते ही वह बेउर जेल वापस चल गए। सदन में उनकी मौजूदगी सिर्फ संवैधानिक जरूरत के तौर पर थी, क्योंकि आर्टिकल 188 के तहत किसी MLA को कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिए शपथ लेना जरूरी है।
आर्टिकल 193 इसके बिना काम करने पर रोक लगाता है। शपथ लेने के बाद सिंह ने कहा, "मैं बेगुनाह हूं, मुझे इंसाफ मिलेगा...।" विधानसभा परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। अतिरिक्त पुलिसकर्मी, कई CCTV निगरानी पॉइंट, क्विक रिस्पॉन्स टीमें और एस्कॉर्ट वाहन तैनात किए गए थे।
सिंह के समर्थकों की भीड़ पर रोक लगा दी गई थी। सभी एंट्री गेट पर कड़ी सुरक्षा जांच की गई, जिससे हाई-प्रोफाइल शपथ ग्रहण समारोह के लिए एक कंट्रोल्ड माहौल सुनिश्चित हो सके।