Angel Chakma Murder Case: देहरादून जिले के सेलाकुई क्षेत्र में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या के बाद बढ़ते दवाब के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार (29 दिसंबर) को पीड़ित परिवार से बातचीत की। धामी ने छात्र एंजेल चकमा की मौत के बाद उनके पिता से फोन पर बात की है। बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने इस घटना पर गहरा दुख जताया। साथ ही परिवार को राज्य सरकार की ओर से कड़ी कार्रवाई एवं हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
उन्होंने कहा, "यह एक दुखद घटना थी। इस घटना से सभी बहुत दुखी हैं। हम इस मामले में कड़ी कार्रवाई करेंगे। इस अपराध को करने वालों को गिरफ्तार कर लिया गया है।" सीएम धामी ने बातचीत का वीडियो X पर शेयर करते हुए लिखा, "देहरादून में अध्ययन कर रहे दिवंगत छात्र एंजेल चकमा के पिताजी से दूरभाष पर बातचीत की। इस अत्यंत दुःखद घटना को लेकर गहरी पीड़ा व्यक्त करते हुए उन्हें भरोसा दिलाया कि दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।"
उन्होंने आगे कहा, "इस प्रकरण को हमारी सरकार ने पूरी गंभीरता से लिया है। ऐसी अमानवीय घटनाएं राज्य में किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं हैं। अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक फरार आरोपी की तलाश जारी है।"
मुख्यमंत्री ने आगे लिखा, "इस घटना के संबंध में आदरणीय केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी, आदरणीय केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी एवं त्रिपुरा के माननीय मुख्यमंत्री माणिक साहा जी से भी वार्ता हुई है। देश-विदेश से उत्तराखंड आकर पढ़ रहे छात्रों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना और किसी भी पीड़ित को न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस दिशा में किसी भी स्तर पर कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।"
इस बीच, टिपरा मोथा प्रमुख प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा ने एंजेल चकमा हत्याकांड मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी में सूचना देने वाले को 10 लाख रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है। पश्चिम त्रिपुरा जिले के नंदननगर निवासी 24 वर्षीय अंजल चकमा पर 9 दिसंबर को देहरादून में नस्ली टिप्पणी का विरोध करने पर छह व्यक्तियों के एक समूह ने हमला किया था। इसके बाद 26 दिसंबर को इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई थी।
पुलिस ने बताया कि छह आरोपियों में से पांच को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। जबकि मुख्य साजिशकर्ता फरार है। देबबर्मा की यह घोषणा ऐसे समय आयी है जब कुछ दिन पहले ही उत्तराखंड पुलिस ने हत्या मामले में मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी में सहायक सूचना देने वाले को 25,000 रुपये नकद इनाम देने की घोषणा की थी।
राहुल गांधी का बीजेपी सरकार पर हमला
इस बीच, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने त्रिपुरा के एक युवक की देहरादून में हत्या को भयावह घृणा अपराध करार दिया है। राहुल ने सोमवार को कहा कि हमें एक ऐसा मृत समाज नहीं बनना चाहिए जो देशवासियों को निशाना बनाए जाने पर आंखें मूंद ले।
गांधी ने यह दावा भी किया कि इस तरह की घटनाएं उस नफरत का नतीजा हैं, जो रोजाना युवाओं के बीच परोसी जा रही है। राहुल गांधी ने X पर पोस्ट किया, "देहरादून में एंजेल चकमा और उनके भाई माइकल के साथ जो हुआ, वह एक भयानक घृणा अपराध है। नफरत रातोंरात पैदा नहीं होती। इसे रोजाना, विशेष रूप से हमारे युवाओं को, जहरीली सामग्री और गैर-जिम्मेदाराना विमर्श के माध्यम से परोसा जा रहा है तथा और सत्तारूढ़ BJP के नफरत फैलाने वाले नेतृत्व द्वारा इसे सामान्य बना दिया गया है।"
उन्होंने आगे कहा, "भारत सम्मान और एकता (की नींव) पर बना है, न कि भय और दुर्व्यवहार पर। हम प्रेम और विविधता वाला देश हैं। हमें एक मृत समाज नहीं बनना चाहिए जो साथी भारतीय नागरिकों को निशाना बनाए जाने पर आंखें मूंद ले। हमें आत्मचिंतन करना चाहिए और यह समझना चाहिए कि हम अपने देश को किस ओर जाने दे रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "मेरी संवेदनाएं चकमा परिवार और त्रिपुरा तथा उत्तर पूर्व के लोगों के साथ हैं। हमें आपको अपने भारतीय भाई-बहन कहने पर गर्व है।"