West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल के भांगर में रविवार (4 जनवरी) को तृणमूल कांग्रेस (TMC) की आंतरिक कलह फिर से उभर सामने आ गई। दक्षिण 24 परगना जिले के कुछ हिस्सों में TMC के अंदर दो खेमों के बीच हिंसक झड़प हुई। मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। यह घटनाक्रम इस साल होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले सामने आया है। इस घटना का तात्कालिक कारण काशीपुर क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरबुल इस्लाम के बेटे हकीमुल इस्लाम की कार पर कथित हमला था।
पुलिस ने बताया कि गाड़ी बरामद होने के बाद स्थिति और बिगड़ गई। अरबुल के स्वामित्व वाले एक पेट्रोल पंप के पास दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच झड़प हुई, जहां हकीमुल मौजूद थे। घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें कथित तौर पर प्रतिद्वंद्वी समूहों के बीच तीखी बहस, धमकियों और एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करते देखा जा सकता है।
पुलिस ने बताया कि शामिल लोगों की पहचान करने के लिए फुटेज की जांच की जा रही है। हकीमुल ने आरोप लगाया कि हमलावर कैनिंग ईस्ट क्षेत्र के विधायक शौकत मुल्ला के समर्थक थे। उन्हें भांगर के लिए तृणमूल कांग्रेस का पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।
हकीमुल ने दावा किया, "उन्होंने पहले मेरी गाड़ी पर हमला किया और फिर हमारे पेट्रोल पंप पर आए। यह जानबूझकर किया गया था।" शौकत खेमे ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि हकीमुल और उनके सहयोगी अशांति फैलाने के इरादे से मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि इनमें तृणमूल नेता प्रदीप मंडल भी शामिल थे।
विपक्षी दलों ने तुरंत तृणमूल कांग्रेस को निशाना बनाया। माकपा नेता सुजान चक्रवर्ती ने हिंसा को लूट और सत्ता को लेकर आंतरिक कलह का परिणाम बताया। उन्होंने कहा, "मौजूदा प्रशासन में इस तरह की हिंसा कोई नई बात नहीं है।"
पुलिस ने बताया कि FIR दर्ज कर ली गई है। फिलहाल, सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से घटना की पुष्टि करते हुए कहा, "दो गुटों के बीच झड़प हुई। स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन तनाव अब भी बना हुआ है।"