Agnivesh Agarwa Death: 'मेरी जिंदगी का सबसे दुखद दिन'; वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश का 49 साल की उम्र में निधन

Agnivesh Agarwa Death: वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का दुखद निधन हो गया है। खुद अनिल अग्रवाल ने बुधवार (7 जनवरी) को यह जानकारी दी। उन्होंने इसे अपनी ज़िंदगी का सबसे दुखद दिन बताया। 49 साल के अग्निवेश न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई हॉस्पिटल में स्कीइंग दुर्घटना के बाद धीरे-धीरे ठीक हो रहे थे। लेकिन उन्हें अचानक कार्डियक अरेस्ट आ गया

अपडेटेड Jan 07, 2026 पर 11:14 PM
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Agnivesh Agarwa Death: दिग्गज माइनिंग कारोबारी अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश का सिर्फ 49 साल में निधन हो गया है

Agnivesh Agarwa Death: वेदांता ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का अमेरिका में निधन हो गया है। वह सिर्फ 49 साल के थे। अग्निवेश वेदांता ग्रुप की कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (TSPL) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में थे। वह न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई हॉस्पिटल में स्कीइंग दुर्घटना के बाद धीरे-धीरे ठीक हो रहे थे। लेकिन उन्हें अचानक कार्डियक अरेस्ट आ गया। इसकी जानकारी खुद अनिल अग्रवाल ने बुधवार (7 जनवरी) को एक सोशल मीडिया पोस्ट में दी है।

वेदांता ग्रुप के फाउंडर ने X पर लिखा, "आज मेरी जिंदगी का सबसे दुखद दिन है। मेरा प्यारा बेटा, अग्निवेश, हमें बहुत जल्दी छोड़कर चला गया। वह सिर्फ 49 साल का था, स्वस्थ था, ज़िंदगी और सपनों से भरा हुआ था। अमेरिका में स्कीइंग दुर्घटना के बाद, वह न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई अस्पताल में ठीक हो रहा था।"

उद्योगपति ने कहा कि हमें लगा था कि सबसे बुरा समय बीत गया है। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अचानक कार्डियक अरेस्ट ने हमारे बेटे को हमसे छीन लिया। कोई भी शब्द उस माता-पिता के दर्द को बयान नहीं कर सकता जिसे अपने बच्चे को अलविदा कहना पड़े। बेटे को अपने पिता से पहले नहीं जाना चाहिए। इस नुकसान ने हमें इस तरह तोड़ दिया है कि हम अभी भी समझने की कोशिश कर रहे हैं।"


उन्होंने आगे लिखा, "मुझे आज भी वह दिन याद है जब अग्नि का जन्म 3 जून, 1976 को पटना में हुआ था। एक मध्यम वर्गीय बिहारी परिवार से वह एक मजबूत, दयालु और मकसद वाले इंसान के रूप में बड़ा हुआ। वह अपनी मां की जिंदगी की रोशनी, एक रक्षा करने वाला भाई, एक वफादार दोस्त, और एक नेक इंसान था जिसने हर किसी को छुआ जिससे वह मिला।"

अग्रवाल ने आगे कहा कि अग्निवेश कई चीजें था। वह एक खिलाड़ी, एक संगीतकार और एक लीडर था। उन्होंने मेयो कॉलेज, अजमेर में पढ़ाई की। फिर उसने सबसे अच्छी कंपनियों में से एक फुजैराह गोल्ड की स्थापना की। इसके बाद वह हिंदुस्तान जिंक के चेयरमैन बने। अनिल ने आगे लिखा कि वह अपने साथियों और दोस्तों का सम्मान कमाया। फिर भी वह सरल, मिलनसार और दिल से इंसान बना रहा।

उन्होंने कहा कि मेरे लिए वह सिर्फ मेरा बेटा नहीं था। वह मेरा दोस्त था। मेरा गर्व थाव। मेरी दुनिया थी। दिग्गज कारोबारी ने कहा कि किरण और मैं टूट गए हैं। फिर भी अपने दुख में हम खुद को याद दिलाते हैं कि वेदांता में काम करने वाले हजारों युवा भी हमारे बच्चे हैं। अनिल अग्रवाल के दो बच्चों में दिवंगत बेटे अग्निवेश के अलावा बेटी प्रिया शामिल हैं। प्रिया वेदांता के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में हैं। वह हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड की चेयरपर्सन हैं।

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