तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई के अगले राजनीतिक कदम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सोमवार को वह दिल्ली के लिए रवाना हुए, जिसके बाद उनके भविष्य को लेकर अटकलें और बढ़ गईं। खास बात यह रही कि उन्होंने उन खबरों का साफ तौर पर खंडन नहीं किया, जिनमें उनके किसी नए राजनीतिक कदम की तैयारी की बात कही जा रही है। जब चेन्नई में पत्रकारों ने उनसे नई पार्टी बनाने की चर्चाओं के बारे में पूछा, तो अन्नामलाई ने दिलचस्प जवाब दिया। उन्होंने कहा, "थोड़ा इंतजार कीजिए, दो दिन बाद बैठकर इस बारे में बात करेंगे।"
उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पूर्व आईपीएस अधिकारी अन्नामलाई के भविष्य को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अन्नामलाई मंगलवार को भाजपा छोड़ने का ऐलान कर सकते हैं। उनके करीबी लोगों का कहना है कि यदि ऐसा होता है तो वह पार्टी से अलगाव को सौहार्दपूर्ण तरीके से करना चाहते हैं और किसी तरह के सार्वजनिक विवाद या टकराव से बचना चाहते हैं।
अन्नामलाई के भाजपा छोड़ने की अटकलें तेज
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि के. अन्नामलाई जल्द ही कोई नया कदम उठा सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, वह एक जन आंदोलन शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि यह पहल आगे चलकर किसी नई राजनीतिक पार्टी का रूप लेगी या नहीं। इस बीच, उनके जन्मदिन से पहले कोयंबटूर के कई इलाकों में समर्थकों ने बड़े-बड़े पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टरों पर "हमारे नेता, आइए और हमारा नेतृत्व कीजिए" जैसे संदेश लिखे गए हैं। इन पोस्टरों को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कई लोग इसे अन्नामलाई के प्रति समर्थकों के बढ़ते समर्थन और उनकी संगठनात्मक ताकत के प्रदर्शन के रूप में देख रहे हैं।
बढ़ती चर्चाओं और अटकलों के बावजूद के. अन्नामलाई ने अभी तक अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की है। सोमवार को दिए गए उनके बयान के बाद लोगों की उत्सुकता और बढ़ गई है कि वह आगे क्या फैसला लेने वाले हैं। अन्नामलाई वर्ष 2020 में भाजपा में शामिल हुए थे। इसके बाद वह तेजी से तमिलनाडु में पार्टी के प्रमुख चेहरों में से एक बन गए। उन्होंने 2021 से 2025 तक तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाली। अपने कार्यकाल के दौरान अन्नामलाई ने पूरे राज्य में कई जनसंपर्क अभियान चलाए और जनता के बीच सक्रिय मौजूदगी बनाए रखी। उनकी लगातार सक्रियता और लोगों से सीधे जुड़ने की शैली के कारण उन्हें काफी लोकप्रियता भी मिली। इसी वजह से उनके अगले राजनीतिक कदम पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
नहीं लड़ा था 2026 का लोकसभा चुनाव
2026 के विधानसभा चुनावों के बाद के. अन्नामलाई के राजनीतिक भविष्य को लेकर कई सवाल उठने लगे। चर्चाएं तब और तेज हो गईं जब उन्हें कोयंबटूर सीट से चुनाव लड़ने का मौका नहीं मिला। बताया जाता है कि अन्नामलाई इसी सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे। इसके अलावा, कक्षा 9 के छात्रों के लिए केंद्र सरकार की त्रिभाषा नीति को लेकर अन्नामलाई की आलोचनात्मक टिप्पणियों के बाद भी पार्टी के भीतर मतभेद होने की अटकलें लगाई जाने लगीं। हालांकि, भाजपा नेताओं ने इन सभी चर्चाओं को खारिज किया है। पार्टी का कहना है कि अन्नामलाई और भाजपा के बीच किसी तरह का मतभेद नहीं है। नेताओं के अनुसार, अन्नामलाई पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ पार्टी के लिए काम कर रहे हैं।