Delhi Liquor Policy Case: अरविंद केजरीवाल ने की दिल्ली HC के जज को बदलने की मांग, हाई कोर्ट में खुद रखेंगे अपनी दलील

Arvind Kejriwal News: आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सोमवार (6 अप्रैल) को दिल्ली हाई कोर्ट में खुद पेश होने की उम्मीद है। वह कथित एक्साइज़ पॉलिसी मामले से जुड़ी सुनवाई से जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को हटाने की मांग की है

अपडेटेड Apr 06, 2026 पर 10:55 AM
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Delhi Liquor Policy Case: अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को उनके मामले से अलग करने के लिए याचिका दायर की है

Delhi Liquor Policy Case: पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शराब नीति मामले में सुनवाई करने वाले दिल्ली हाई कोर्ट के जज को हटाने की मांग की है। केजरीवाल ने कथित शराब घोटाला मामले में आरोप मुक्त करने की निचली अदालत के फैसले के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की ओर से दाखिल याचिका की सुनवाई से जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को अलग करने का अनुरोध करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है।

घटनाक्रम से परिचित सूत्रों ने बताया कि आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता केजरीवाल के खुद उपस्थित होकर उस आवेदन पर बहस करने की उम्मीद है जिसकी सुनवाई सोमवार को होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक अन्य आरोप मुक्त किए गए लोगों द्वारा भी इसी तरह की याचिका दायर किए जाने की उम्मीद है।

दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डी. के. उपाध्याय ने इससे पहले केजरीवाल के अनुरोध को खारिज कर दिया था। इसमें CBI की याचिका पर सुनवाई जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत से किसी अन्य जज को ट्रांसफर करने का अनुरोध किया गया था। उन्होंने कहा था कि इस मामले से खुद को अलग करने का निर्णय संबंधित जज को लेना होगा।


जज को हटाने की मांग

केजरीवाल के साथ-साथ आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया और आबकारी नीति मामले में अन्य आरोपियों ने 11 मार्च को दिए गए एक याचिका में दावा किया कि इस बात की गंभीर, वास्तविक और उचित आशंका है कि जस्टिस शर्मा के समक्ष मामले की सुनवाई निष्पक्ष और तटस्थ नहीं होगी।

राउज एवेन्यू कोर्ट ने 27 फरवरी को AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और 21 अन्य लोगों को आरोप मुक्त कर दिया था। अदालत ने मामले की सुनवाई कर रही सीबीआई को फटकार लगाते हुए कहा था कि उसका मामला न्यायिक जांच में पूरी तरह से खरा नहीं उतर सका और पूरी तरह से अविश्वासनीय साबित हुआ।

सुनवाई अदालत के फैसले के खिलाफ सीबीआई की ओर से दाखिल अपील पर 9 मार्च को सभी 23 आरोपियों को नोटिस जारी करते हुए जस्टिस शर्मा ने कहा कि आरोप तय करने के चरण में निचली अदालत की कुछ टिप्पणियां और निष्कर्ष प्रथम दृष्टया त्रुटिपूर्ण प्रतीत होते हैं ।

वकील ने कहा कि उन पर विचार करने की आवश्यकता है। जस्टिस शर्मा की पीठ ने शराब नीति मामले में सीबीआई के जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के संबंध में निचली अदालत की सिफारिश पर भी रोक लगा दी।

अपना पक्ष खुद रखेंगे केजरीवाल

आम आदमी पार्टी (AAP) ने कहा है कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कथित आबकारी शुल्क नीति घोटाले से जुड़े एक मामले में सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होंगे और अपनी बात रखेंगे। पार्टी ने रविवार को कहा कि केजरीवाल ने कई अन्य आरोपियों के साथ मिलकर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को मामले की सुनवाई से अलग करने की मांग करते हुए एक आवेदन दायर किया है।

आम आदमी पार्टी के नेता का यह आवेदन प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दायर एक याचिका के जवाब में था। इसमें शराब नीति मामले की जांच के दौरान कथित तौर पर समन का पालन न करने से संबंधित एक मामले में केजरीवाल को बरी करने वाले निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी गई थी।

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