आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने कहा कि, वह मंगलवार (4 अगस्त 2026) को 100 लोगों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास तक मार्च करेंगे। इस दौरान वे E20 पेट्रोल के विरोध में एक याचिका भी सौंपेंगे। केजरीवाल का आरोप है कि केंद्र सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में E20 पेट्रोल को बढ़ावा दे रही है। अरविंद केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि भारत ने अमेरिका से इथेनॉल खरीदने के मामले में डोनाल्ड ट्रंप के सामने झुकने का काम किया है। उनका कहना है कि सरकार लगातार इथेनॉल मिले पेट्रोल को बढ़ावा दे रही है, जिससे लगता है कि इसके पीछे कोई छिपा हुआ मकसद है।
पीएम आवास पर जाएंगे अरविंद केजरीवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में अरविंद केजरीवाल ने कहा, "मैं कल 100 लोगों के साथ प्रधानमंत्री आवास जाऊंगा और लोगों के हस्ताक्षर वाली याचिकाएं खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपूंगा। साथ ही E20 पेट्रोल से जुड़े मुद्दों पर भी बात करूंगा। लोगों का कहना है कि इस पेट्रोल के इस्तेमाल से उनकी गाड़ियों में कई तरह की दिक्कतें आ रही हैं। इसके बावजूद सरकार इसे लगातार बढ़ावा दे रही है, जिससे लगता है कि इसके पीछे कोई छिपा हुआ मकसद है।"
केजरीवाल ने आगे कहा, "लोगों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अमेरिका से इथेनॉल खरीदने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दबाव है।" उन्होंने बताया कि E20 पेट्रोल को लेकर लोगों की चिंताओं पर चर्चा करने के लिए उन्होंने पिछले महीने प्रधानमंत्री को एक पत्र भेजकर समय मांगा था, लेकिन उसका कोई जवाब नहीं मिला। इसी वजह से अब वह खुद प्रधानमंत्री से मिलकर लोगों की याचिकाएं सौंपेंगे।
अरविंद केजरीवाल ने अपने पत्र में मांग की थी कि पेट्रोल पंपों पर लोगों को शुद्ध पेट्रोल और E20 पेट्रोल, दोनों का विकल्प दिया जाए। साथ ही उन्होंने E20 पेट्रोल की कीमत कम करने की भी मांग की थी। उन्होंने कहा, "हमारे पत्र का कोई जवाब नहीं मिला। इसलिए अब हम खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह याचिका सौंपेंगे। हमने E20 पेट्रोल के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाया था, जिस पर अब तक 2 लाख से ज्यादा लोग हस्ताक्षर कर चुके हैं।" केजरीवाल ने यह भी कहा कि पिछले सप्ताह आम आदमी पार्टी की ओर से आयोजित "इथेनॉल टाउनहॉल" कार्यक्रम काफी सफल रहा। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने ऑनलाइन हिस्सा लिया।