'चुनाव के बाद मत पछताना', ओवैसी का सपा को बड़ा ऑफर! यूपी में गठबंधन की सियासत तेज

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को दोबारा सत्ता में आने से रोकने के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन करने को तैयार है। ओवैसी ने कहा, "हम नहीं चाहते कि उत्तर प्रदेश में भाजपा फिर से सरकार बनाए। मैं हाथ मिलाने के लिए तैयार हूं और गठबंधन करने को भी तैयार हूं

अपडेटेड Jul 26, 2026 पर 4:08 PM
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब छह महीने से भी कम समय बचा है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अब छह महीने से भी कम समय बचा है। ऐसे में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ चुनावी गठबंधन की इच्छा जताई है। मुरादाबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से अपील की कि चुनाव के बाद अफसोस करने के बजाय अभी से बातचीत शुरू करें। हालांकि, समाजवादी पार्टी की ओर से इस प्रस्ताव को लेकर कोई खास सकारात्मक संकेत नहीं मिले। पार्टी के एक सांसद ने कहा कि दोनों दलों के बीच गठबंधन होना फिलहाल काफी मुश्किल नजर आता है।

असदुद्दीन ओवैसी ने अखिलेश यादव को भेजा फ्रेंड रिक्वेस्ट!

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को दोबारा सत्ता में आने से रोकने के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन करने को तैयार है। ओवैसी ने कहा, "हम नहीं चाहते कि उत्तर प्रदेश में भाजपा फिर से सरकार बनाए। मैं हाथ मिलाने के लिए तैयार हूं और गठबंधन करने को भी तैयार हूं। अभी बातचीत का सही समय है। चुनाव खत्म होने के बाद पछताने से कोई फायदा नहीं होगा।" उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी की लड़ाई किसी धर्म के खिलाफ कभी नहीं रही और आगे भी नहीं रहेगी। उनके मुताबिक, उनकी लड़ाई सम्मान, अधिकार और न्याय के लिए है। ओवैसी ने यह भी कहा कि वह अधिकारों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर अखिलेश यादव के साथ बैठकर गठबंधन पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं।


यूपी चुनाव से पहले बड़ी पक रही सियासी खिचड़ी

विपक्ष के वोट बंटने की आलोचना पर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी समाजवादी पार्टी (सपा) के खिलाफ नहीं, बल्कि उसके साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) की राजनीति किसी धर्म के विरोध पर नहीं, बल्कि न्याय, समानता और समाज के पिछड़े व वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई पर आधारित है। हालांकि, समाजवादी पार्टी के भीतर ओवैसी के इस प्रस्ताव को ज्यादा समर्थन नहीं मिला। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा कि उनकी पार्टी हमेशा सभी वर्गों को साथ लेकर चलने वाली राजनीति में विश्वास करती है। लेकिन उन्होंने यह भी संकेत दिया कि एआईएमआईएम के साथ चुनावी गठबंधन होना फिलहाल आसान नहीं दिखता।

समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा, "समाजवादी पार्टी हमेशा सभी वर्गों को साथ लेकर चलने की राजनीति करती रही है। जहां तक असदुद्दीन ओवैसी का सवाल है, उनकी अपनी अलग राजनीतिक सोच है और वह उसी पर आगे बढ़ते हैं। ऐसे में उनके साथ चुनावी गठबंधन होना फिलहाल काफी मुश्किल नजर आता है।" इस बीच, गुरुवार को असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार पर भी तीखा निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है और अपनी कमियों की जिम्मेदारी से बच रही है। समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में ओवैसी ने कहा कि सरकार का रवैया युवाओं के प्रति उपेक्षापूर्ण है। उनका आरोप था कि सरकार युवाओं की बात सुनने और उनसे संवाद करने के बजाय उनकी चिंताओं को नजरअंदाज कर रही है।

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