Ashutosh Brahmachari: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर FIR कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला! ट्रेन में नाक काटने की कोशिश
Ashutosh Brahmachari: विवादों में घिरे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ सेक्सुअल हैरेसमेंट का केस करने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज पर रीवा एक्सप्रेस से प्रयागराज जाते समय कथित तौर पर धारदार हथियार से हमला किया गया है। यह घटना रविवार 8 मार्च की सुबह कौशांबी जिले के फतेहपुर और सिराथू रेलवे स्टेशनों के बीच हुई
Ashutosh Brahmachari: ट्रेन में कथित हमले में आशुतोष ब्रह्मचारी मामूली रूप से घायल हो गए हैं
Ashutosh Brahmachari: हिंदू संत स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ बटुकों से यौन शोषण के आरोप में मुकदमा दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज पर जानलेवा हमला हुआ है। आशुतोष ब्रह्मचारी पर रविवार (8 मार्च) सुबह उत्तर प्रदेश के सिराथू रेलवे स्टेशन पर एक अज्ञात व्यक्ति ने कथित तौर पर जानलेवा हमला कर दिया। राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना कौशांबी जिले के फतेहपुर और सिराथू रेलवे स्टेशनों के बीच हुई।
जीआरपी के अधिकारी ने बताया कि आशुतोष महाराज का आरोप है कि वह रीवा एक्सप्रेस ट्रेन से प्रयागराज आ रहे थे। तभी सुबह ट्रेन के सिराथू स्टेशन के पास पहुंचने पर जब वह ट्रेन के शौचालय की ओर गए। इसी दौरान एक व्यक्ति ने उस्तरा से उन पर जानलेवा हमला कर दिया।
उन्होंने बताया कि आशुतोष महाराज का काल्विन अस्पताल में मेडिकल टेस्ट कराया जा रहा है। इसके आधार पर मामला दर्ज किया जाएगा। साथ ही घटनास्थल का CCTV फुटेज खंगाला जा रहा है। जीआरपी अधिकारी ने कहा कि विवेचना के आधार पर अगली विधिक कार्रवाई की जाएगी।
कथित हमले पर आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने एक न्यूज एजेंसी से कहा, "ट्रेन में हमारी नाक काटने का प्रयास किया गया। बाथरूम में घुसकर हमने जान बचाई। अविमुक्तेश्वरानंद पर FIR कराने के बाद ऐलान किया गया था कि जो भी मेरी नाक काटेगा उसे 21 लाख रुपये दिया जाएगा।"
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने काशी से लखनऊ के लिए यात्रा की शुरुआत की है। वह 11 मार्च को लखनऊ में पहुंचकर गोरक्षा अभियान का आगे का शंखनाद करेंगे। अविमुक्तेश्वरानंद शनिवार को उत्तर प्रदेश के जौनपुर पहुंचे। यहां उन्होंने गोमती नदी तट पर स्थित जमैथा गांव में महर्षि जमदग्नि मुनि के आश्रम में दर्शन-पूजन किया।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का योगी सरकार पर हमला
इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "आज का राजा गाय को माता नहीं मान रहा है। बल्कि उसे संपत्ति के रूप में देखने लगा है। ऐसे में उसे ललकारना आवश्यक हो गया है।" उन्होंने कहा कि जौनपुर की यह धरती महर्षि जमदग्नि और भगवान परशुराम की तपोभूमि रही है। गोमती नदी के किनारे ही गाय की सेवा और संरक्षण की परंपरा रही है।
उन्होंने कहा कि जमैथा गांव में गोमती नदी के तट पर महर्षि जमदग्नि ने गाय की सेवा की थी। उन्होंने कहा कि उस समय के राजा ने जबरन उनकी गाय छीन ली थी। जब यह बात उनके पुत्र भगवान परशुराम को पता चली तो उन्होंने अन्याय के खिलाफ खड़े होकर राजा और उसकी सेना का वध कर गाय को वापस लिया था।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में माता के समान मानी जाती है। यदि शासन व्यवस्था उसे केवल संपत्ति मानकर देखेगी तो यह परंपरा और आस्था का अपमान है। इसलिए संत समाज इस विषय पर आवाज उठाने को बाध्य है। उन्होंने कहा कि जौनपुर आकर महर्षि जमदग्नि का आशीर्वाद लेकर वह अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करने का संकल्प लेकर निकले हैं।
Prayagraj, Uttar Pradesh: Ashutosh Brahmachari Maharaj says, "We had come from Sakumari Peeth in our own vehicles because our tickets were from Ghaziabad, and we arrived by the Rewa Express at around 5 a.m. Suddenly, about 10–11 people attacked us. They tried to cut off my nose… pic.twitter.com/rbGuxRyWLh
हमले के लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को दोषी ठहराते हुए आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया कि संत के फॉलोअर्स ने हाल ही में उनकी नाक काटने पर 21 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि इसे पब्लिकली दिखाया भी था। उन्होंने दावा किया कि हमले के दौरान हमलावर ने उन्हें धमकी देते हुए कहा, "तुमने हमारे गुरु के खिलाफ केस किया, हम तुम्हें जान से मार देंगे।"
इस दौरान आश्रम में बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु मौजूद रहे। शंकराचार्य ने आश्रम में पूजा-अर्चना करके देश और समाज के कल्याण की कामना भी की। इससे पहले, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने शनिवार को काशी से लखनऊ के लिए यात्रा की शुरुआत की।
11 मार्च को लखनऊ में बड़ा प्रोग्राम
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि 11 मार्च को लखनऊ में गो-रक्षा अभियान का बड़ा शंखनाद किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी इस अभियान से जुड़ने का निमंत्रण दिया। उन्होंने बताया कि गौमाता को 'राजमाता' घोषित करने और उत्तर प्रदेश में पूर्ण गोकशी बंद कराने के लिए 40 दिन की समयसीमा दी गई थी, जो 11 मार्च को पूरी हो रही है। उन्होंने बताया कि इसी के बाद लखनऊ में आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सुलतानपुर जिले में एंट्री करने पर लम्भुआ तहसील मुख्यालय पर स्वागत के दौरान कहा कि देश की आजादी के साथ से ही गोरक्षा कानून का सपना दिखाया गया। लेकिन इस कानून को अब तक लागू नहीं किया जा सका है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि अब इस कानून को लागू कराया जाना आवश्यक हो गया है। उन्होंने कहा कि कानून को अब लटकाए रखने का कोई औचित्य नहीं है।