पिछले 10 साल में असम से कितने अवैध बांग्लादेशी बाहर निकाले गए? अब जाकर सामने आया असल आंकड़ा

असम सरकार ने विधानसभा में बताया कि 2016 से 30 जून 2026 तक राज्य से कुल 2,089 अवैध विदेशी नागरिकों को उनके देशों में वापस भेजा गया है। इनमें सबसे अधिक बांग्लादेशी नागरिक हैं। इसके अलावा म्यांमार, नाइजीरिया, अफगानिस्तान, यूक्रेन, रूस, पाकिस्तान, केन्या और युगांडा के नागरिकों को भी उनके देश वापस भेजा गया है

अपडेटेड Jul 22, 2026 पर 5:56 PM
अगर साल-दर-साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस 10 साल के समय में सबसे ज्यादा कार्रवाई वर्ष 2025 में हुई

असम से पिछले 10 वर्षों में कितने अवैध विदेशी नागरिकों को उनके देशों में वापस भेजा गया है, इसका आधिकारिक आंकड़ा अब सामने आ गया है। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक असम विधानसभा में सरकार ने जानकारी दी है कि पिछले 10 सालों में राज्य से करीब 2100 अवैध विदेशी नागरिकों को निर्वासित, निष्कासित या वापस भेजा गया है। बाहर निकाले गए इन अवैध विदेशियों में सबसे बड़ी संख्या बांग्लादेशी नागरिकों की है। ये संख्या 2023 है।

असम समझौता क्रियान्वयन मंत्री अतुल बोरा ने विधानसभा में एक सवाल के जवाब में यह जानकारी साझा की। कांग्रेस विधायक अब्दुल रहीम अहमद के प्रश्न का उत्तर देते हुए उन्होंने बताया कि 2016 से लेकर 30 जून 2026 तक कुल 2089 अवैध विदेशी नागरिकों को राज्य से बाहर निकाला गया है। इनमें बांग्लादेश के 2023 नागरिकों के अलावा म्यांमार के 39 और नाइजीरिया के 18 नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा अफगानिस्तान, यूक्रेन और रूस से 2-2 नागरिकों को जबकि पाकिस्तान, केन्या और युगांडा से 1-1 नागरिक को उनके देश वापस भेजा गया है।

सबसे ज्यादा कार्रवाई साल 2025 में हुई


अगर साल-दर-साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस 10 साल के समय में सबसे ज्यादा कार्रवाई वर्ष 2025 में हुई। पिछले साल 1811 लोगों को वापस भेजा गया। इनमें नाइजीरिया के एक नागरिक को छोड़कर सभी अवैध विदेशी बांग्लादेश से थे। वहीं चालू वर्ष में 30 जून 2026 तक 263 घुसपैठियों को वापस भेजा जा चुका है। ये पिछले एक दशक में दूसरी सबसे बड़ी संख्या है। इनमें से 261 बांग्लादेश के और 2 रूस के नागरिक हैं।

इसी दौरान राइजर दल के विधायक अखिल गोगोई के एक प्रश्न का उत्तर देते हुए मंत्री ने धार्मिक आंकड़ों का भी ब्योरा दिया। उन्होंने बताया कि उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 31 मई 2026 तक राज्य में कुल 172673 अवैध विदेशी चिह्नि‍त किए गए हैं। इन चिह्नि‍त विदेशियों में 111414 मुस्लिम, 61189 हिंदू और बाकी ईसाई या दूसरे धर्मों के अनुयायी शामिल हैं।

कार्रवाई के कानूनी आधार पर बात करते हुए अतुल बोरा ने स्पष्ट किया कि अवैध बांग्लादेशियों को वापस भेजने का काम गृह मंत्रालय के 2 मई 2025 के पत्र में तय दिशा-निर्देशों के अनुसार किया जा रहा है। वहीं सीमावर्ती देश में घुसपैठियों का निष्कासन 'इमिग्रेंट्स (एक्सपल्शन फ्रॉम असम) एक्ट, 1950' के प्रावधानों के तहत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निष्कासन और वापस भेजने की यह पूरी प्रक्रिया देश के मौजूदा कानूनों के तहत ही पूरी की जा रही है।

असमिया व्यक्ति की परिभाषा क्या है?

इसके अलावा विधानसभा में जब मंत्री से यह पूछा गया कि असमिया व्यक्ति की परिभाषा क्या है, तो उन्होंने इसे बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय बताया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर विभिन्न राष्ट्रवादी संगठनों और हितधारकों के साथ चर्चा जारी है। सरकार सभी वर्गों की राय, सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति बिप्लब कुमार शर्मा समिति की रिपोर्ट की सिफारिशों और कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सही समय पर निर्णय लेगी।

आपको बता दें कि यह समिति 1985 के असम समझौते की धारा 6 को लागू करने की सिफारिशों के लिए 2019 में गृह मंत्रालय द्वारा गठित की गई थी। इसका उद्देश्य मूल असमिया आबादी की सांस्कृतिक, सामाजिक और भाषाई पहचान को सुरक्षा देना है। मंत्री ने बताया कि सेवानिवृत्त जज की इस रिपोर्ट की सिफारिशों को लागू करने के लिए सरकार ने आवश्यक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

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