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Ram Mandir: राम मंदिर दान विवाद के बीच ट्रस्ट के इस बैठक पर टिकी सबकी नजर, जानें पूरा समीकरण

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में सिर्फ स्थायी ट्रस्टियों को ही वोट देने का अधिकार है। सरकारी प्रतिनिधियों सहित पांच पदेन सदस्य बैठकों में शामिल तो होते हैं, लेकिन उन्हें वोट देने का अधिकार नहीं है। इसलिए वे मतदान के जरिए किसी फैसले को बदल या प्रभावित नहीं कर सकते। यही वजह है कि ट्रस्ट के बड़े फैसलों का अधिकार स्थायी ट्रस्टियों के पास ही होता है

Edited By: Rajat Kumarअपडेटेड Jul 03, 2026 पर 3:00 PM
Ram Mandir: राम मंदिर दान विवाद के बीच ट्रस्ट के इस बैठक पर टिकी सबकी नजर, जानें पूरा समीकरण
राम मंदिर ट्रस्ट चलाने वाले लोगों के बारे में और क्यों 6 जुलाई की बैठक पर सबकी नज़रें टिकी हैं

करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र अयोध्या का राम मंदिर चढ़ावे को लेकर उठे सवालों ने देश की राजनीति और धार्मिक जगत में हलचल मचा दी है। आरोप हैं कि राम मंदिर के दानपात्र में चढ़ाए गए करोड़ों रुपये के चंदे में गड़बड़ी हुई। अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले दान के इस्तेमाल को लेकर उठे सवालों के बीच 6 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक होने जा रही है। इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने की पेशकश की है। माना जा रहा है कि इस बैठक में ट्रस्ट के आगे के कामकाज और भविष्य को लेकर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। क्योंकि ट्रस्ट की व्यवस्था ऐसी है कि कुछ स्थायी ट्रस्टियों के पास ही फैसले लेने का सबसे ज्यादा अधिकार होता है।

ट्रस्ट की शुरुआत कैसे हुई?

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन फरवरी 2020 में किया गया था। यह ट्रस्ट अयोध्या जमीन विवाद पर नवंबर 2019 में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बनाया गया। अदालत ने केंद्र सरकार को राम मंदिर के निर्माण और उसके संचालन के लिए एक ट्रस्ट बनाने का निर्देश दिया था। नई दिल्ली में हुई पहली बैठक में महंत नृत्य गोपाल दास को ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाया गया। विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष चंपत राय को महासचिव और गोविंद गिरि महाराज को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्व प्रधान सचिव और पूर्व आईएएस अधिकारी नृपेंद्र मिश्र को मंदिर निर्माण समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।

ट्रस्ट में कौन-कौन सदस्य हैं?

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