Ajit Pawar Plane Crash: बारामती विमान हादसे में जान गंवाने वाली कैप्टन शांभवी पाठक के यहां सफदरजंग एनक्लेव स्थित आवास पर बुधवार (28 जनवरी) को गमगीन माहौल देखने को मिला। शांभवी की मां अपनी बेटी की शादी की योजना बना रही थीं जो अब कभी पूरी नहीं हो पाएगी। अधिकारियों ने बताया कि 25 साल की शांभवी उन पांच लोगों में से एक थीं जिनकी बुधवार सुबह हुई इस विमान दुर्घटना में मौत हो गई। विमान में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार भी सवार थे। मुंबई से उड़ान भरने के बाद यह विमान निर्धारित समय पर उतरने से कुछ मिनट पहले ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली स्थित शांभवी के घर पर उनकी मां (वायुसेना बाल भारती स्कूल में शिक्षिका) शोक में डूबी हुई थीं। उनके पिता (सेना के रिटायर्ड पायलट) इस दुखद घटना के बाद पुणे पहुंचे। कपल की उम्र 45 वर्ष के करीब है। वे अपनी बेटी की शादी की योजना बना रहे थे।
शांभवी का छोटा भाई (22) नौसेना में है। इलाके में ब्यूटी पार्लर चलाने वाली 40 वर्षीय शिल्पी, शांभवी के बारे में दुखद खबर सुनकर भावुक हो गईं। शिल्पी ने पीटीआई को बताया, "वह बेहद प्यारी, भोली और बहुत ही मृदुभाषी थीं। वह आखिरी बार लगभग डेढ़ महीने पहले मेरे पार्लर में आई थीं।"
उन्होंने बताया, "शांभवी की मां उनकी शादी करने की सोच रही थीं।" चार दशकों से इस इलाके में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम कर रहे जितेंद्र ने बताया कि उनका परिवार पांच साल पहले इस पड़ोस में रहने आया था। उन्होंने कहा, "जब भी शांभवी मुझे देखती, वह हमेशा नमस्ते करती थीं। परिवार के सभी लोग बहुत अच्छे हैं। वे सामुदायिक समारोहों में भाग लेते हैं और सभी के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करते हैं।"
बारामती जाने वाले प्लेन में उड़ान भरने से पहले कैप्टन शांभवी पाठक ने अपनी दादी को टेक्स्ट मैसेज किया। इसमें लिखा- "हाय, गुड मॉर्निंग, दद्दा.."। उनकी दादी मीरा पाठक ने इस पर जवाब दिया, "गुड मॉर्निंग, चिनी..."। उन्हें नहीं पता था कि यह छोटा सा मैसेज जल्द ही एक ऐसी याद बन जाएगा जिसे वह जिंदगी भर संजोकर रखेंगी।
बुधवार सुबह 8:45 बजे, महाराष्ट्र के बारामती एयरपोर्ट पर एक प्लेन क्रैश हो गया, जिसमें राज्य के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और प्लेन में सवार चार अन्य लोगों की मौत हो गई। इनमें पवार के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर, एक अटेंडेंट और दो क्रू मेंबर शामिल थे।
शांभवी पाठक मध्य प्रदेश के ग्वालियर की रहने वाली एक युवा पायलट थीं। NDTV की एक रिपोर्ट के अनुसार, मीरा पाठक ग्वालियर के बसंत विहार में घर नंबर D-61 में अकेली रहती हैं। हालांकि उनका परिवार दिल्ली शिफ्ट हो गया है, लेकिन शांभवी की यादें इस घर में गूंजती हैं - एक छोटी लड़की की यादें जिसे सब प्यार से 'चिनी' कहते थे। जैसे ही यह खबर आई, मीरा पाठक अपने फोन को देखती रहीं।