Bihar AK-47 Firing Row: बिहार का वो पुलिसवाला कौन जो प्रोटेस्ट के बीच निकाल लाया AK-47 और चला दी गोली? जानिए इस केस में अबतक क्या हुआ

Bihar AK-47 Firing Row: बिहार के सिवान जिले में 25 जुलाई को 'बिहार बंद' के दौरान विरोध-प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर AK-47 राइफ़ल का इस्तेमाल करते हुए एक पुलिसकर्मी का वीडियो वायरल होने के बाद उसे सस्पेंड कर दिया गया है। राज्यव्यापी बंद के दौरान कई जिलों में छात्र संगठनों ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किए औ

अपडेटेड Jul 27, 2026 पर 2:14 PM
Bihar AK-47 Firing Row: तेजस्वी यादव ने बिहार पुलिस ने छात्रों पर सीधी फायरिंग करने का आरोप लगाया है

Bihar AK-47 Firing Row: बिहार के सीवान जिले में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर AK-47 राइफल से फायरिंग करने के आरोप में एक पुलिस अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। वायरल हुए एक वीडियो में विशेष जांच दल (SIT) में तैनात पुलिस अधिकारी अभिषेक पटेल कथित रूप से AK-47 से गोलियां चलाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।

यह घटना 25 जुलाई को आयोजित 'बिहार बंद' के दौरान हुई। इसे कथित NEET पेपर लीक मामले के विरोध में बुलाया गया था। बंद के दौरान सीवान समेत राज्य के कई हिस्सों में छात्रों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं। प्रदर्शन के दौरान हालात हिंसक हो गए, जिसके बाद पुलिस कार्रवाई की गई। पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि फायरिंग किन परिस्थितियों में हुई।

पुलिस के अनुसार, पटना, सारण, सीवान, औरंगाबाद और भागलपुर में 'बिहार बंद' के दौरान हिंसा हुई। जबकि समस्तीपुर, नवादा और नालंदा में प्रदर्शन मुख्य रूप से शांतिपूर्ण रहे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य के सभी जिलों में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।


हिंसा के बाद तीन FIR दर्ज, 100 नामजद

प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के बाद पुलिस ने तीन अलग-अलग FIR दर्ज की हैं। इनमें करीब 100 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। जबकि करीब 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। रिपोर्टों के अनुसार, हिंसा के आरोप में गिरफ्तार किए गए 25 लोगों का सीवान सदर अस्पताल में मेडिकल टेस्ट कराया गया, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

तीन प्रदर्शनकारी घायल, हालत स्थिर

इस हिंसा में घायल हुए तीन प्रदर्शनकारियों का पटना के जयप्रभा मेडांटा अस्पताल में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, तीनों की हालत फिलहाल स्थिर है। घायलों में 15 वर्षीय मोहम्मद आरिफ भी शामिल हैं। परिजनों के अनुसार, आरिफ एक स्थानीय दुकान में काम करता है। 'बिहार बंद' के दौरान दुकान बंद कर वह घर लौट रहा था, तभी हिंसा के बीच उसके गर्दन में गोली लग गई। डॉक्टरों ने सफल ऑपरेशन कर गोली निकाल दी है। फिलहाल, उसकी स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।

तेजस्वी यादव ने उठाए सवाल

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस घटना को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। पेपर लीक और प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में 'बिहार बंद' के समर्थन में वामपंथी छात्र संगठनों ने राज्यभर में प्रदर्शन किया। इस दौरान कुछ स्थानों पर हिंसा भी हुई।

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि सीवान जिले में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने गोली चलाई। उन्होंने इस घटना के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की निंदा की। यादव ने X पर कथित घटना का एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "सीवान में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों पर एके-47 से सीधे गोलीबारी की। जब कोई अपराधी... मुख्यमंत्री बन जाता है तो पुलिस निर्दोष छात्रों पर गोलियां चलाती है...।"

हालांकि, अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाए जाने की पुष्टि नहीं की है। 'मनीकंट्रोल' इस वीडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है। यह प्रदर्शन जिले के जेपी चौक पर आयोजित किया गया था। प्रदर्शन में मौजूद पूर्व विधायक और भाकपा (माले) नेता अमरजीत कुशवाहा ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस ने बर्बर कार्रवाई की और महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया।

पुलिस का बयान

हिंसा की घटनाओं के संबंध में SP पूरन चंद्र झा ने कहा, "हमने घटना की वीडियोग्राफी कराई है। उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रदर्शनकारियों के तीन समूह थे, जिनमें से केवल एक को प्रदर्शन की अनुमति मिली थी। वे गांधी मैदान के पास आपस में भिड़ गए, जिसके बाद पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।"

प्रदर्शनकारियों ने राज्य की राजधानी के डाक बंगला चौराहे पर पुलिस के साथ झड़प की और पुलिसकर्मियों पर पथराव किया। इसके बाद कई छात्रों को हिरासत में ले लिया गया। पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्तिकेय के शर्मा ने कहा, "उन्होंने हम पर पथराव किया। उन्होंने बैरिकेड तोड़ने की भी कोशिश की। हमने कई छात्रों को हिरासत में लिया है। पुलिस हाई अलर्ट पर है। हम उपद्रवियों का पता लगाएंगे और उनके ख़िलाफ़ उचित कार्रवाई करेंगे"

पुलिस पर देसी बम फेंके जाने का दावा

बताया जा रहा है कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर देसी बम फेंके जाने का दावा किया गया है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि इन दावों की जांच की जा रही है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में पटना के राम गुलाम चौक पहुंचे, जहां बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। वह फिलहाल जेल में बंद हैं।

परीक्षा में गड़बड़ियों के विरोध में बुलाया गया बंद सारण जिले के छपरा में हिंसक हो गया, जहां छात्रों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया। एक सरकारी वाहन में आग लगा दी और कई अन्य गाड़ियों में तोड़-फोड़ की। पुलिस ने बताया कि औरंगाबाद जिले में भी विरोध-प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई, जिसमें प्रदर्शनकारियों के हमले में दो पुलिस अधिकारी और एक पत्रकार घायल हो गए।

राहुल गांधी ने भी केंद्र और राज्य सरकार को घेरा

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी NEET पेपर लीक मामले को लेकर जारी छात्र आंदोलनों के बीच केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली और बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया और सरकार छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।

Bihar AK-47 Firing Row: राहुल गांधी ने X पर लिखा, "छात्रों के ख़िलाफ़ पूरा का पूरा सिस्टम ही जानलेवा है। खबर आ रही है कि बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर AK-47 से गोलियाँ चलाई गई हैं और सैकड़ों छात्रों को गिरफ़्तार करके उनपर FIR की जा रही है। मोदी जी, कहाँ गया आपका वादा कि छात्रों पर कोई FIR नहीं की जाएगी और उन्हें रिहा कर दिया जाएगा? उल्टा उनपर घातक हमले और बर्बरता की जा रही है।"

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कांग्रेस सांसद ने आगे लिखा, "दिल्ली में छात्रों पर पेलेट गन चली और बिहार में AK-47। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार हो या दिल्ली... हर जगह पैटर्न एक ही है। पहले भी कहा है, ये सरकार झूठी है। सुधार इनके बस का नहीं है। अपनी बातों से मुकर जाएगी और हर तरकीब से छात्रों की आवाज़ दबाएगी। मोदी जी, देश के छात्रों से माफ़ी मांगिए। और जिन्होंने छात्रों पर हमला किया है, उन्हें कुचला है उनपर कार्रवाई कीजिए, छात्रों पर नहीं।"

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