Bihar Biometric Attendance Mandatory: बिहार के सरकारी कर्मचारियों की अब मनमानी नहीं चलेगी। सरकारी दफ्तरों में समय की पाबंदी, जवाबदेही और काम के माहौल को मजबूत करने के मकसद से बिहार सरकार ने पूरे राज्य में सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य कर दी है। यह व्यवस्था पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर तक के सभी सरकारी दफ़्तरों में लागू की जाएगी। यह जानकारी मंगलवार (2 जून) को एक आधिकारिक सरकारी आदेश के जरिए दी गई।
सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से जारी एक आदेश के अनुसार, बिहार बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम (BBAS) के माध्यम से कर्मचारियों और अधिकारियों की हाजिरी दर्ज की जाएगी। इसके अनुसार सरकार का उद्देश्य कार्यालयों में कर्मियों का समय पर आना सुनिश्चित करना, जवाबदेही बढ़ाना एवं सरकारी कार्यों में पारदर्शिता लाना है।
विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंदर द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि पंचायत, प्रखंड, अनुमंडल और जिला स्तर के कार्यालयों में कार्यरत सभी अधिकारी एवं कर्मचारी BBAS के माध्यम से ही अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे। इसमें कहा गया है कि इससे उपस्थिति का वास्तविक और डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होगा। इससे मानवीय हस्तक्षेप की संभावना कम होगी।
बयान में कहा गया है कि राज्य में लंबे समय से सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की समय पर आने को लेकर शिकायतें मिलती रही हैं। इसके अनुसार विभिन्न विभागों में देर से आने और समय से पहले कार्यालय छोड़ने की शिकायतों को देखते हुए बिहार सरकार ने टेक्नोलॉजी आधारित निगरानी सिस्टम को प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्णय लिया है। आदेश के अनुसार, निर्धारित समय पर कार्यालय नहीं पहुंचने वाले कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, देर से आने की स्थिति में छुट्टी में कटौती या सैलरी कटौती जैसे कदम भी उठाए जा सकेंगे।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों का सैलरी भुगतान भी बायोमेट्रिक अटेंडेंस के रिकॉर्ड के आधार पर किया जाएगा। इससे फर्जी अटेंडेंस और काम में लापरवाही की संभावनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। निर्देश में कार्यालय प्रमुखों की जिम्मेदारी भी तय की गई है। प्रत्येक माह कार्यालय प्रमुखों को कर्मचारियों की उपस्थिति का प्रिंट आउट तैयार करके उपलब्ध कराना होगा, ताकि विभागीय स्तर पर नियमित समीक्षा की जा सके और किसी भी प्रकार की अनियमितता का समय रहते पता लगाया जा सके।
सभी दफ्तर में लगाए जाएंगे बायोमेट्रिक मशीन
सरकार ने बायोमेट्रिक मशीनों को ठीक करने पर भी जोर दिया है। जिन कार्यालयों में मशीन खराब हैं, उन्हें तत्काल दुरुस्त कराने का निर्देश दिया गया है। वहीं, जिन कार्यालयों में अभी तक मशीन नहीं लगी हुई हैं, वहां जल्द से जल्द लगाने को कहा गया है। व्यवस्था की प्रभावी निगरानी के लिए जिला स्तर पर नोडल पदाधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। ये अधिकारी जिले में बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम के संचालन और अनुपालन की निगरानी करेंगे। जिलाधिकारियों को भी आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने एवं किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होने देने का निर्देश दिया गया है।