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Bihar Liquor Ban: बिहार में शराबबंदी यानी 2016 के बाद महिलाओं के खिलाफ बढ़े अपराध! NCAER की रिपोर्ट के बाद बिहार में शराबबंदी पर फिर छिड़ी बहस

Bihar Liquor Ban: नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) की एक रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है कि बिहार को शराब पर लगा बैन हटा लेना चाहिए। रिपोर्ट के मुताबिक, यह बैन महिलाओं के खिलाफ हिंसा को बढ़ने से रोकने में नाकाम रहा है। साथ ही, कुछ सबूतों से पता चलता है कि कानूनी शराब की जगह अब गैर-कानूनी ड्रग्स और शराब का सेवन बढ़ गया है।

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Aug 13, 2026 पर 11:23 AM
Bihar Liquor Ban: बिहार में शराबबंदी यानी 2016 के बाद महिलाओं के खिलाफ बढ़े अपराध! NCAER की रिपोर्ट के बाद बिहार में शराबबंदी पर फिर छिड़ी बहस
Bihar Liquor Ban: बिहार में शराबबंदी के बाद अब गैर-कानूनी ड्रग्स और शराब का सेवन बढ़ गया है

Bihar Liquor Ban: इकोनॉमिक थिंक टैंक नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) की नई स्टडी में बिहार में विकास कार्यों के लिए राजस्व जुटाने के उद्देश्य से शराबबंदी हटाने का प्रस्ताव दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, 2016 में शराबबंदी लागू होने के बाद से बिहार में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कमी नहीं आई है। बल्कि 2016 के बाद की अवधि में कुल दर्ज अपराधों में बढ़ोतरी देखी गई है। रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया है कि बिहार को शराब पर लगा बैन तुरंत हटा लेना चाहिए।

रिपोर्ट के मुताबिक, शराब पर बैन महिलाओं के खिलाफ हिंसा को बढ़ने से रोकने में पूरी तरह से नाकाम रहा है। साथ ही, कुछ सबूतों से पता चलता है कि कानूनी शराब की जगह अब गैर-कानूनी ड्रग्स और शराब का सेवन बढ़ गया है। 'बिहार की विकास उपलब्धियां, अधूरा एजेंडा और आगे की राह' (Macro Perspective of Bihar's Development Achievements, Unfinished Agenda, and the Way Forward) नाम के इस पेपर में यह भी कहा गया है कि शराब पर एक्साइज ड्यूटी को बैन से पहले वाले स्तर पर लाने से राज्य की अपनी कमाई 14-15% बढ़ सकती है।

साथ ही कानून लागू करने और तस्करी रोकने के ऑपरेशन पर होने वाला खर्च भी कम हो सकता है। रत्ना सहाय की अगुवाई में अर्थशास्त्रियों की एक टीम द्वारा तैयार और इंडिया पॉलिसी फोरम में पेश किए गए इस रिपोर्ट में अप्रैल 2016 में लागू बिहार में शराबबंदी के आर्थिक और सामाजिक असर की जांच की गई।

शराबबंदी से महिलाओं के खिलाफ अपराध कम नहीं हुए

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