Vehicle PUC Certificate New Rules: देश में करोड़ों कार-बाइक मालिकों के लिए एक राहत भरी खबर है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय गाड़ियों के प्रदूषण सर्टिफिकेट को लेकर एक बड़ा बदलाव करने जा रहा है। सरकार के नए प्रस्ताव के तहत BS-VI (BS-6) निजी वाहनों का पीयूसी सर्टिफिकेट अब 3 साल तक के लिए मान्य हो सकता है।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन (संशोधन) नियमावली, 2026 का ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। सरकार ने इस नए प्रस्ताव पर आम जनता और हितधारकों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।
वाहनों की श्रेणी के हिसाब से PUC की नई वैधता
गैजेट नोटिफिकेशन के अनुसार, वाहनों के एमिशन नॉर्म्स और उनके इस्तेमाल (कमर्शियल या प्राइवेट) के आधार पर प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) की वैधता इस प्रकार तय की जाएगी:
A. BS-VI (BS-6) निजी वाहन
शुरुआती 6 साल तक: प्रथम पंजीकरण की तारीख से पहले 6 साल तक 3 साल की वैधता मिलेगी।
6 से 10 साल पुराने वाहन: 6 साल से अधिक लेकिन 10 साल तक पुराने होने पर 1 साल की वैधता मिलेगी।
10 साल से पुराने वाहन: 10 वर्ष से अधिक पुराने होने पर 6 महीने की वैधता रहेगी।
B. BS-VI (BS-6) कमर्शियल वाहन
शुरुआती 6 साल तक: प्रथम पंजीकरण की तारीख से पहले 6 साल तक 2 साल की वैधता मिलेगी।
6 से 10 साल पुराने वाहन: 1 साल की वैधता मिलेगी।
10 साल से पुराने वाहन: 6 महीने की वैधता रहेगी।
C. अन्य BS स्टेज वाले वाहन
BS-I, BS-II और BS-III वाहन: इन गाड़ियों के लिए पीयूसी की वैधता 3 महीने रहेगी।
BS-IV (BS-4) वाहन: बीएस-4 उत्सर्जन मानकों वाली सभी गाड़ियों के लिए पीयूसी की वैधता 6 महीने होगी।
रिन्यूअल के लिए बनाए गए खास नियम
ड्राफ्ट में पीयूसी सर्टिफिकेट के नवीनीकरण को लेकर भी स्पष्टता दी गई है। अगर कोई वाहन मालिक अपने पीयूसी समाप्त होने की तारीख से 15 दिन पहले ही नया सर्टिफिकेट बनवा लेता है, तो नया सर्टिफिकेट पुरानी समाप्ति तिथि से ही प्रभावी माना जाएगा। अन्य सभी मामलों में, नया सर्टिफिकेट उसकी जारी होने या नवीनीकरण की तारीख से लागू होगा।
30 दिनों में मांगे गए सुझाव और आपत्तियां
सरकार द्वारा 22 जुलाई 2026 को हस्ताक्षरित और 24 जुलाई 2026 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित इस ड्राफ्ट नोटिफिकेशन पर 30 दिनों का समय दिया गया है। आम जनता या कोई भी हितधारक अपने सुझाव या आपत्तियां ईमेल आईडी comments-morth@gov.in पर भेज सकते हैं। 30 दिन की अवधि समाप्त होने के बाद प्राप्त सुझावों पर विचार करके केंद्र सरकार अंतिम नियम लागू करेगी।