बंगाल चुनाव से पहले BJP का नया प्लान! घोषणापत्र के लिए टोल-फ्री नंबर जारी कर जनता से मांगे सुझाव

समिक भट्टाचार्य ने दावा किया कि फरवरी के अंत तक इन सभी सुझावों के आधार पर एक विस्तृत खाका तैयार कर जनता के सामने रखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पहले बंगाल में अक्सर चुनाव के बिल्कुल आख़िरी समय में घोषणापत्र जारी किया जाता था, लेकिन इस बार भाजपा पहले से ही लोगों को शामिल कर रही है ताकि घोषणापत्र जनता के जरूरत के अनुसार बन सके।

अपडेटेड Feb 07, 2026 पर 8:48 PM
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भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस बार चुनावी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव नज़दीक आते ही सभी राजनीतिक दल अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस बार चुनावी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी ने फैसला किया है कि आगामी विधानसभा चुनाव का घोषणापत्र सीधे जनता की राय और ज़मीनी समस्याओं के आधार पर तैयार किया जाएगा।

शनिवार (7 फरवरी) को राज्य के BJP अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस नई पहल की घोषणा की। उन्होंने बताया कि भाजपा अब राज्य के हर कोने तक पहुंचकर आम लोगों की बात सुनेगी और उन्हीं सुझावों को चुनाव घोषणापत्र में शामिल किया जाएगा।

भट्टाचार्य ने कहा, "आज से 18 फरवरी तक पूरे बंगाल में करीब 1000 जगहों पर 'सुझाव ड्रॉप बॉक्स' लगाए जाएंगे, जहां लोग अपनी समस्याएं और सुझाव लिखकर डाल सकेंगे।" इसके साथ ही पार्टी ने एक टॉल-फ्री मोबाइल नंबर भी जारी किया है, नंबर है-9727294294, जिस पर कॉल करके या मैसेज भेजकर कोई भी अपनी समस्या या सुझाव बता सकता है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि ई-मेल और QR कोड के ज़रिए भी भाजपा की वेबसाइट पर जाकर राय देने की सुविधा होगी।


इसके साथ ही भाजपा अध्यक्ष ने यह भी बताया कि राज्य को उद्योग जगत बनाने के लिए उद्योगपतियों से भी सुझाव मांग रही है। उनका कहना है कि अगर बंगाल में बड़े उद्योग लाने हैं, तो यह जानना ज़रूरी है कि राज्य को उद्योग-अनुकूल बनाने के लिए क्या कदम उठाने होंगे। इसी उद्देश्य से वे समाज के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े करीब 10 हजार लोगों को व्यक्तिगत रूप से पत्र भी भेज रहे हैं।

समिक भट्टाचार्य ने दावा किया कि फरवरी के अंत तक इन सभी सुझावों के आधार पर एक विस्तृत खाका तैयार कर जनता के सामने रखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि पहले बंगाल में अक्सर चुनाव के बिल्कुल आख़िरी समय में घोषणापत्र जारी किया जाता था, लेकिन इस बार भाजपा पहले से ही लोगों को शामिल कर रही है ताकि घोषणापत्र जनता के जरूरत के अनुसार बन सके।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा के लिए यह पहल अहम हो सकते है, और विधानसभा चुनाव में लाभ मिल सकते है। भाजपा की कोशिश है कि बेरोज़गारी, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर जनता की वास्तविक राय सामने आए और उसी आधार पर चुनावी वादे तय हों।

एक तरफ तृणमूल कांग्रेस अपनी सरकार की उपलब्धियां गिना रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा अब 'जन-सुनवाई मॉडल' के ज़रिए लोगों से सीधा संवाद बनाकर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।

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