देश के कुछ सबसे व्यस्त रेलवे स्टेशनों को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक में मुंबई के बोरीवली, हरियाणा के अंबाला और कर्नाटक के मंगलूरु रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास (Redevelopment) के मास्टर प्लान की समीक्षा की। इस बैठक में रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भी मौजूद थे।
रेल मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि स्टेशनों को चमकाने का काम इस तरह किया जाए, जिससे यात्रियों को कम से कम परेशानी हो और ट्रेनों की आवाजाही पर कोई असर न पड़े।
आइए जानते हैं कि इन स्टेशनों पर क्या-क्या बदलने वाला है:
1. मुंबई का बोरीवली स्टेशन: भीड़ से मिलेगी मुक्ति
बोरीवली स्टेशन पश्चिमी रेलवे का एक बहुत बड़ा हब है। यहां रोजाना करीब 1,200 लोकल ट्रेनें और 191 लंबी दूरी की ट्रेनें गुजरती हैं, जिससे रोज लगभग 3.65 लाख यात्री सफर करते हैं। आने वाले समय में यह भीड़ और बढ़ने वाली है।
2. अंबाला कैंट स्टेशन: बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए खास इंतजाम
अंबाला स्टेशन से अभी रोजाना 328 ट्रेनें गुजरती हैं और 44,000 से ज्यादा यात्री यहां आते हैं।
3. मंगलूरु सेंट्रल स्टेशन: भविष्य की जरूरतों की तैयारी
मंगलूरु सेंट्रल स्टेशन से फिलहाल रोज करीब 50 ट्रेनें चलती हैं और 28,000 से ज्यादा यात्री इसका इस्तेमाल करते हैं।
यहां भी क्षमता बढ़ाने के लिए दो नए पूरे साइज के प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे।
स्टेशन पर एक नया 6 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज बनेगा।
नए शेड (छत), अतिरिक्त लिफ्ट और एस्केलेटर लगाए जाएंगे ताकि यात्रियों को धूप-बारिश से बचाया जा सके और भीड़ न लगे।
स्थानीय नेताओं और जनता की ली जाएगी सलाह
रेल मंत्री ने निर्देश दिया है कि प्लानिंग के अगले चरणों में स्थानीय सांसदों, विधायकों, राज्य सरकारों और आम लोगों से भी बातचीत की जाए। उनकी जरूरतों और सुझावों को फाइनल प्लान में शामिल किया जाएगा, ताकि स्टेशन सचमुच जनता के काम आ सकें।
स्टेशनों को जल्दी और मजबूत बनाने के लिए आधुनिक कंस्ट्रक्शन तकनीकों (जैसे प्रीकास्ट कंपोनेंट्स, जो पहले से बने-बनाए हिस्से होते हैं) का इस्तेमाल किया जाएगा। अधिकारियों से कहा गया है कि वे बजट का सही इस्तेमाल करें और काम को समय पर पूरा करें। अब इन प्रस्तावों की बारीकी से जांच होगी और जल्द ही काम शुरू किया जाएगा।