तमिलनाडु के वेल्लोर जिले में छह साल के एक बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। बच्चे के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उसकी मौत , काले जादू या तांत्रिक गतिविधि से जुड़ी हो सकती है। उन्होंने इस मामले में बच्चे की दादी और बुआ पर भी शक जताया है। बता दें कि, मृतक बच्चे का नाम मुगिलन था। वह अपनी दादी के घर पर मृत मिला। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
परिवार को काले जादू का शक
सामने आई जानकारी के मुताबिक, बच्चे के शरीर पर जलने के कुछ निशान थे। इसी वजह से मामला और भी संदिग्ध माना जा रहा है। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि बच्चे को उसके माता-पिता के बीच होने वाले झगड़ों के लिए जिम्मेदार ठहराया जाता था। घटना के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोगों ने अंधविश्वास और तांत्रिक क्रियाओं से जुड़े आरोप भी लगाए हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी तक ऐसी किसी बात की पुष्टि नहीं की है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
अलग रह रहे थे बच्चे के माता-पिता
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मुगिलन के जन्म के बाद पति राजेश और पत्नी आशा के रिश्तों में तनाव आ गया था। दोनों कुछ वर्षों तक अलग-अलग रहे, लेकिन बाद में फिर साथ रहने लगे। इसके बाद कामकाज के कारण राजेश और आशा दूसरे शहर चले गए। उन्होंने अपने बेटे मुगिलन को उसकी दादी विजया की देखरेख में छोड़ दिया था। बच्चा अपनी दादी के घर पर ही संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाया गया।
परिजनों का आरोप है कि विजया अंधविश्वास और तांत्रिक गतिविधियों में विश्वास करती थी। वहीं, परिवार के कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि राजेश की बहन रेवती, जो उसी गांव में रहती है, बच्चे से नाराज रहती थी। उनका कहना है कि रेवती परिवार में होने वाले झगड़ों के लिए मुगिलन को जिम्मेदार मानती थी। हालांकि, ये सभी आरोप परिजनों की ओर से लगाए गए हैं।
दादी और बुआ से पूछताछ जारी
पुलिस ने मामले की जांच के तहत बच्चे की दादी विजया और बुआ रेवती को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जांच में बच्चे के शरीर पर जलने के निशान मिले हैं। इसके अलावा, उसके सिर पर भी चोट के निशान पाए गए हैं। पुलिस को आशंका है कि यह चोट किसी वस्तु या हथियार से लगी हो सकती है। हालांकि, अभी तक मौत की सही वजह सामने नहीं आई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि यह घटना अमावस्या के दिन हुई, जिसके कारण तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। वहीं, दादी के घर से मिली कुछ तस्वीरों में पूजा-पाठ से जुड़ी सामग्री दिखाई देने की बात भी सामने आई है। इसके बाद सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर कई अफवाहें फैलने लगी हैं। हालांकि, पुलिस ने अब तक किसी भी तांत्रिक गतिविधि या अन्य दावों की पुष्टि नहीं की है। फिलहाल पुलिस के मामले में हर पहलु को ध्यान में रख कर जांच कर रही है।