Cabinet approves Rs 2.19 lakh cr projects: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार 15 जुलाई को केंद्रीय कैबिनेट की एक बेहद अहम बैठक हुई। इसमें देश के इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और कृषि क्षेत्र को रफ्तार देने के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए। कैबिनेट ने एक साथ 7 बड़े फैसलों को मंजूरी दी है। इनके तहत कुल 2 लाख 19 हजार 353 करोड़ रुपये की परियोजनाओं और पॉलिसियों को हरी झंडी दिखाई गई है। कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन फैसलों की विस्तृत जानकारी दी।
न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक इन फैसलों में सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 (Semicon 2.0), मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS) और भारत को यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए नेशनल इन्वेस्टमेंट पॉलिसी फॉर यूरिया-2026 जैसे बड़े नीतिगत कदम शामिल हैं।
फैसला 1 और 2: वाराणसी के लिए दो बड़े एलिवेटेड कॉरिडोर
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि आज के पहले दो बड़े फैसले वाराणसी (काशी) में बुनियादी ढांचे के विकास के एक नए दृष्टिकोण से जुड़े हुए हैं। शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए दो बड़े एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है:-
वरुणा नदी के किनारे एलिवेटेड कॉरिडोर: कैबिनेट ने वरुणा नदी के किनारे 10998 करोड़ रुपये की लागत से एक 6/4-लेन के एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दी है।
गंगा नदी के किनारे एलिवेटेड कॉरिडोर: इसके साथ ही गंगा नदी के किनारे 14,448 करोड़ रुपये की लागत से एक 6-लेन के एलिवेटेड कॉरिडोर के विकास को भी हरी झंडी दी गई है।
फैसला 3 और 4: सेमीकंडक्टर 2.0 और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग को महा-बूस्ट
देश को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब बनाने के लिए सरकार ने इस कैबिनेट बैठक में दो सबसे बड़े वित्तीय आवंटन किए हैं:-
सेमीकंडक्टर मिशन 2.0: कैबिनेट ने सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए 1 लाख 27 हजार 500 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट के साथ 'सेमीकंडक्टर 2.0' को मंजूरी दी है। सरकार का यह फैसला बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS): मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़ा दूसरा बड़ा फैसला लेते हुए सरकार ने मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS) को मंजूरी दे दी है। इस योजना के लिए 62500 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
फैसला 5: यूरिया उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए नई नीति
कृषि क्षेत्र और किसानों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। कैबिनेट ने 'नेशनल इन्वेस्टमेंट पॉलिसी फॉर यूरिया-2026' को अपनी स्वीकृति दे दी है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य भारत को यूरिया उत्पादन के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना है। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह एक नीतिगत मंजूरी है, इसलिए कैबिनेट के फैसलों की वित्तीय तालिका में इसके लिए अलग से कोई विशिष्ट वित्तीय आवंटन दर्ज नहीं किया गया है।
फैसला 6 और 7: रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए दो बड़े प्रोजेक्ट
लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए कैबिनेट ने रेल नेटवर्क के विस्तार से जुड़ी दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। कैबिनेट ने 2542 करोड़ रुपये की लागत से पारादीप-हरिदासपुर रेलवे लाइन के दोहरीकरण काम को मंजूरी दी है। इसके अलावा डांगोआपोसी और राजखरसवां के बीच चौथी रेलवे लाइन के निर्माण को भी मंजूरी मिल गई है। इसमें 1365 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के इन फैसलों को समेटते हुए कहा कि आज लिए गए ये 7 बड़े फैसले देश के बुनियादी ढांचे को नई दिशा देने के साथ-साथ भारत को मैन्युफैक्चरिंग और कृषि के मोर्चे पर आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होंगे।