Varanasi Highway Projects: वाराणसी में 25500 करोड़ के 2 बड़े हाईवे प्रोजेक्ट्स मंजूर, NH-19 और NH-31 दोनों से रिंग रोड होगा कनेक्ट

Varanasi Highway Projects: केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार 15 जुलाई को वाराणसी के लिए लगभग 25500 करोड़ रुपये की कुल निवेश वाली दो बड़ी हाईवे परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में इन दोनों कॉरिडोर के निर्माण पर मुहर लगाई गई

अपडेटेड Jul 15, 2026 पर 4:17 PM
Varanasi Highway Projects: आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में इन दोनों कॉरिडोर के निर्माण पर मुहर लगाई गई

Varanasi Highway Projects: उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी को जाम से मुक्ति दिलाने और वहां के रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर को वर्ल्ड क्लास बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक बेहद बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को वाराणसी के लिए लगभग 25,500 करोड़ रुपये की कुल निवेश वाली दो बड़ी हाईवे परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में इन दोनों कॉरिडोर के निर्माण पर मुहर लगाई गई। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए इन महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स का ब्योरा साझा किया।

पहला प्रोजेक्ट: NH-31 और वाराणसी रिंग रोड लिंक (वरुणा नदी के किनारे)


कैबिनेट ने वाराणसी शहर में ट्रैफिक के दबाव को कम करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय राजमार्ग-31 और वाराणसी रिंग रोड को जोड़ने वाले एक नए लिंक के विकास को मंजूरी दी है। यह लिंक रोड 43.218 किलोमीटर लंबा होगा और वरुणा नदी के किनारे-किनारे विकसित किया जाएगा। यह मुख्य रूप से एक 6/4-लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर होगा।

इस प्रोजेक्ट में मुख्य कैरिजवे, फ्लाईओवर्स, लूप्स, रैंप्स और सर्विस रोड्स बनाई जाएंगी इस परियोजना को NHAI द्वारा हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत लागू किया जाएगा। इसकी कुल पूंजीगत लागत 10998.32 करोड़ रुपये होगी।

दूसरा प्रोजेक्ट: NH-19 और वाराणसी रिंग रोड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर (गंगा नदी के किनारे)

कैबिनेट ने वाराणसी शहर को जाम मुक्त बनाने के लिए एक और बड़े कॉरिडोर को मंजूरी दी है। ये राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (NH-19) और वाराणसी रिंग रोड के बीच कनेक्टिविटी स्थापित करेगा। यह 46.039 किलोमीटर लंबी एक ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना होगी। इसमें गंगा नदी के किनारे-किनारे रिवरबैंक कनेक्टिविटी दी जाएगी।

इस प्रोजेक्ट के तहत एक 6-लेन एलिवेटेड मुख्य कैरिजवे, एक शानदार आइकॉनिक केबल-स्टेयड ब्रिज, एक एक्स्ट्राडोज्ड फुट-ओवर ब्रिज-कम-मेजर ब्रिज, लूप्स, रैंप्स, लिंक रोड्स और सर्विस रोड्स बनाए जाएंगे। इसे भी हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। इस पर 14447.64 करोड़ रुपये की कुल पूंजीगत लागत आएगी।

60 मिनट का सफर सिर्फ 20 मिनट में, जानिए यात्रियों को क्या होंगे फायदे

सरकार के मुताबिक भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित की जा रही ये परियोजनाएं वाराणसी की अर्बन मोबिलिटी को एक नई दिशा देंगी। इनसे शहर को कई बड़े फायदे होंगे। ये कॉरिडोर वाराणसी शहर के भीतर ट्रैफिक जाम की समस्या को काफी हद तक समाप्त कर देंगे और NH-19 व NH-31 से रिंग रोड तक बिना किसी परेशानी के कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएंगे।

इन परियोजनाओं के पूरी होने के बाद इस रास्ते गाड़ियों की औसत यात्रा समय करीब 60 मिनट से घटकर सिर्फ 20 मिनट रह जाएगा। इससे शहर के भीतर आवाजाही बेहद आसान होगी और वाहनों की भीड़भाड़ में उल्लेखनीय कमी आएगी। यह एलिवेटेड कॉरिडोर वाराणसी के प्रमुख धार्मिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक स्थलों तक पहुंच को और बेहतर बनाएगा। आधुनिक सड़क अवसंरचना के इस जाल से क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ी रफ्तार मिलेगी।

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