President Special Train: एक ट्रेन आगे, एक पीछे.. साथ में अल्ट्रा-लग्जरी प्राइवेट सलून! जानिए कैसी होती है 'प्रेसिडेंट स्पेशल' ट्रेन जिसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की यात्रा
President Special Train: एक समय था जब भारतीय ट्रेन देश के शीर्ष राष्ट्रध्यक्षों की यात्रा का पसंदीदा माध्यम हुआ करती थी। साल 2021 की एक सरकारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया था कि देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने अक्सर ट्रेन यात्राएं की थीं। पदभार संभालने के तुरंत बाद उन्होंने छपरा से 'प्रेसिडेंट स्पेशल' ट्रेन लेकर अपने जन्मस्थान सिवान जिले के जीरादेई का दौरा किया था
President Special Train: 'प्रेसिडेंट स्पेशल' ट्रेन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यात्रा की है। इसके कई वायरल हो गए हैं
President Special Train: भारत के राष्ट्रपति के लिए एक नई अत्याधुनिक और हाईटेक 'प्रेसिडेंट्स स्पेशल' ट्रेन तैयार की गई है। यह ट्रेन सुरक्षा, कम्युनिकेशन और आधुनिक सुविधाओं के मामले में अपने पहले के वर्जन से कहीं ज्यादा एडवांस्ड है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस नई ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इस ट्रेन को भारतीय रेलवे के इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF), चेन्नई में तैयार किया गया है। यह ट्रेन साल 2020 में सेवा से हटाई गई पुरानी राष्ट्रपति ट्रेन की जगह लेगी। नई ट्रेन का निर्माण करीब ₹22 करोड़ की लागत से किया गया है।
दो इंजन, बेहतर सुरक्षा
नई राष्ट्रपति स्पेशल की सबसे खास बात यह है कि इसमें एक इंजन आगे और एक इंजन पीछे लगाया गया है। इससे ट्रेन को किसी भी स्थिति में बिना इंजन बदले तुरंत दिशा बदलने की क्षमता मिलती है। यह व्यवस्था सुरक्षा और इमरजेंसी परिस्थितियों में बेहद उपयोगी मानी जा रही है।
हाईटेक और लग्जरी सुविधाओं से लैस
नई ट्रेन में राष्ट्रपति और उनके स्टाफ के लिए कई आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। इनमें शामिल हैं:-
अत्याधुनिक बेडरूम
आरामदायक लिविंग एरिया
कॉन्फ्रेंस रूम
पूरी तरह सुसज्जित किचन
आधुनिक बाथरूम
सिक्योर कम्युनिकेशन सिस्टम
विशेष सुरक्षा उपकरण
सुरक्षा के लिए खास इंतजाम
ट्रेन में राष्ट्रपति की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसमें:-
बुलेटप्रूफ सुरक्षा व्यवस्था
विस्फोटक और संदिग्ध वस्तुओं का पता लगाने वाले उपकरण
सीसीटीवी निगरानी
सुरक्षित संचार नेटवर्क
विशेष सुरक्षा दस्तों के लिए अलग कोच जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, नई ट्रेन में आधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है ताकि राष्ट्रपति की यात्रा पूरी तरह सुरक्षित, सुविधाजनक और तेज हो। ट्रेन के अंदर कम्युनिकेशन व्यवस्था भी पहले से कहीं अधिक उन्नत बनाई गई है।
पुरानी राष्ट्रपति ट्रेन का इतिहास
एक समय था जब ट्रेन देश के शीर्ष राष्ट्रध्यक्षों की यात्रा का पसंदीदा माध्यम हुआ करती थी। साल 2021 की एक सरकारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया था कि देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने अक्सर ट्रेन यात्राएं की थीं। पदभार संभालने के तुरंत बाद उन्होंने छपरा से 'प्रेसिडेंट स्पेशल' ट्रेन लेकर अपने जन्मस्थान सिवान जिले के जीरादेई का दौरा किया था। हालांकि समय के साथ राष्ट्रपति और अन्य VVIP की यात्रा का प्रमुख माध्यम विमान बन गया। इसके कारण इस ट्रेन का उपयोग बहुत कम होने लगा। साल 2020 में पुरानी ट्रेन को सेवा से हटा दिया गया था।
ट्रेन की खास बातें
मंगलवार को तीन दिवसीय दौरे पर ओडिशा पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बारिश के पूर्वानुमान के कारण हवाई यात्रा रद्द होने पर 'प्रेसिडेंट स्पेशल' से भुवनेश्वर से ब्रह्मपुर तक 170 किलोमीटर की यात्रा की। ईस्ट कोस्ट रेलवे (ECoR) के अधिकारियों के अनुसार, इस बेहद आलीशान ट्रेन में एयर-कंडीशंड बेडरूम, एक लिविंग-कम-डाइनिंग रूम और रसोई शामिल है। राष्ट्रपति बिना एस्कॉर्ट (सुरक्षा) के यात्रा नहीं कर सकतीं। इसलिए उनकी स्पेशल ट्रेन के आगे और पीछे एक-एक ट्रेन चल रही थी। यात्रा के दौरान इस ट्रैक पर किसी अन्य ट्रेन को चलाने की अनुमति नहीं थी।
सुबह 9 बजे से 11 बजे तक चली इस यात्रा में राष्ट्रपति मुर्मू के साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और राज्यपाल हरि बाबू कम्भमपति भी सह-यात्री थे। ECoR के प्रवक्ता ने बताया कि राष्ट्रपति सचिवालय का संदेश मिलने के बाद रेलवे ने प्लैटफॉर्म से लेकर ट्रेन के कोच तक लाल कालीन बिछाने सहित सभी व्यवस्थाएं पूरी कीं।
सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा पुलिस और स्थानीय प्रशासन पर था। इसमें बम निरोधक दस्ता, स्निफर डॉग्स और रेलवे स्टेशनों पर सघन जांच शामिल थी। भुवनेश्वर और ब्रह्मपुर स्टेशनों पर लगभग 15-15 प्लाटून (कुल 450 पुलिसकर्मी) तैनात किए गए थे। राष्ट्रपति के भ्रमण स्थलों को 'नो-फ्लाइंग जोन' घोषित किया गया था।
नई ट्रेन का उद्देश्य
रेलवे का कहना है कि यह नई 'प्रेसिडेंट्स स्पेशल' केवल एक यात्रा का साधन नहीं। बल्कि भारत की आधुनिक रेलवे तकनीक, सुरक्षा व्यवस्था और वीवीआईपी परिवहन क्षमता का प्रतीक है। यह ट्रेन भविष्य में राष्ट्रपति की विशेष रेल यात्राओं के लिए उपयोग की जाएगी।
VIDEO | President Droupadi Murmu on Tuesday undertook a 170-km-long train journey from Bhubaneswar to Berhampur in Odisha’s Ganjam district on the second day of her visit to the state.
President Murmu will visit Taptapani (Maa Kandhuni Devi) Temple in Berhampur. (Source: CMO)… pic.twitter.com/edvb8rbmD7 — Press Trust of India (@PTI_News) August 4, 2026
इससे पहले राष्ट्रपति मुर्मू ने सितंबर 2023 में दिल्ली से वृंदावन बांके बिहारी मंदिर के लिए 'महाराजा एक्सप्रेस' से यात्रा की थी। उनके लिए सबसे यादगार यात्रा 21 नवंबर 2023 की थी, जब उन्होंने अपने गृह जिले मयूरभंज के बादामपहाड़ रेलवे स्टेशन से तीन नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई थी। अपने जन्मस्थान के पास रायरंगपुर तक यात्रा की थी।