Cabinet Decisions : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को SME ग्रोथ फंड (SGF) के लिए सरकार की 10,000 करोड़ रुपये के योगदान और इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी (ITLA) के गठन को मंजूरी दे दी है। SME ग्रोथ फंड छोटे और मध्यम आकार के उद्यमों में सीधे इक्विटी निवेश करेगा। इसका मकसद ग्रोथ-स्टेज कैपिटल की कमी को दूर करना है। सरकार ने कहा कि यह फंड अच्छी संभावना वाले सफल बिज़नेस मॉडल और विस्तार की संभावना वाले SMEs को लंबे समय के लिए ग्रोथ इक्विटी कैपिटल उपलब्ध कराएगा।
सरकार ने कहा है कि SGF से अधिकांश हिस्सा छोटे और मध्यम आकार के मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को दिया जाएगा। यह फंड टियर-II और टियर-III शहरों के इंडस्ट्रियल क्लस्टर में काम करने वाले SMEs को भी हेल्प करेगा।
सरकार SGF फ़्रेमवर्क के तहत बनाए गए 'ऑल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फ़ंड' (AIF) के लिए कुल 10,000 करोड़ रुपये देगी। इस फंड का मकसद कंपनियों को अपने कामकाज का दायरा बढ़ाने, टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में निवेश करने, अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में विस्तार करने, ग्लोबल वैल्यू चेन से जुड़ने और रणनीतिक निवेश करने में मदद करना है।
सरकार का कहना कि मौजूदा फंड इक्विटी सपोर्ट तो देते हैं,लेकिन इनमें से अधिकांश शुरुआती दौर के उद्यमों पर फोकस करते हैं और मुख्य रूप से माइक्रो एंटरप्राइज को कवर करते हैं। SGF का मकसद छोटे और मध्यम आकार के उद्यमों के लिए इक्विटी ग्रोथ कैपिटल की जरूरत को पूरा करना है।
इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट एंड लॉजिस्टिक्स अथॉरिटी (ITLA) के गठन को मंजूरी
इसके अलावा,कैबिनेट ने ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में रिसर्च,प्लानिंग,अप्रेजल,निगरानी और प्रभाव के आकलन को मज़बूत करने के लिए ITLA को एक स्पेशल पर्पस व्हीकल के तौर पर स्थापित करने की मंजूरी भी दे दी है।
ITLA एक इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स प्लानिंग,रिसर्च, प्रोजेक्ट अप्रेजल और निगरानी,पॉलिसी सपोर्ट और डेटा एनालिटिक्स के लिए मेन अथॉरिटी के तौर पर काम करेगा। यह अथॉरिटी 10 साल या उससे ज्यादा की अवधि के लिए एक व्यापक 'नेशनल ट्रांसपोर्ट मास्टर प्लान' तैयार करेगी। इसमें सड़कें, रेलवे, बंदरगाह और शिपिंग, सिविल एविएशन, इनलैंड वॉटरवे, कोस्टल शिपिंग, शहरी मोबिलिटी और लॉजिस्टिक्स शामिल होंगे।
ITLA ट्रांसपोर्ट से जुड़े मंत्रालयों के शॉर्ट टर्म और सालाना प्लान का भी मूल्यांकन करेगा,ताकि नेशनल ट्रांसपोर्ट मास्टर प्लान के साथ तालमेल और एकरूपता सुनिश्चित की जा सके और मल्टी-मॉडल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को बढ़ावा दिया जा सके।
यह भारत सरकार की 500 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की लागत वाली इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का तकनीकी मूल्यांकन करेगा,जबकि वित्तीय मूल्यांकन मौजूदा तरीकों से होता रहेगा। ITLA ऐसी परियोजनाओं की निगरानी भी करेगा और लागू होने के बाद उनके प्रभाव का मूल्यांकन करेगा।
अथॉरिटी तमाम स्रोतों से आंकड़ें जुटा कर नेशनल ट्रांसपोर्ट डेटा रिपॉजिटरी बनाएगी। इन स्रोतों में GSTN ई-वे बिल, FASTag, वाहन, GPS-आधारित सिस्टम और शहरी ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम शामिल हैं।
सरकार का कहना है कि ITLA मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को मज़बूत करने, इंफ्रास्ट्रक्चर की क्षमता बढ़ाने, लॉजिस्टिक्स लागत कम करने और भारत की ग्लोबल लॉजिस्टिक्स प्रतिस्पर्धा क्षमता को बेहतर बनाने में मदद करेगा।