Delhi News: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने दिल्ली नगर निगम (MCD) के एक वरिष्ठ अधिकारी को 4 लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अधिकारी की पहचान लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक कुमार मिश्रा के रूप में हुई। CBI के अधिकारियो ने बताया कि दिल्ली MCD के शाहदरा नॉर्थ जोन के डिप्टी कमिश्नर लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक कुमार मिश्रा को 4 लाख रुपये की कथित रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, CBI ने यह जानकारी मिलने के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की कि मिश्रा ने रिश्वत की मांग की थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डिप्टी कमिश्नर अभिषेक मिश्रा को 4 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। मामले में आगे की कार्रवाई शुरू हो गई है। मिश्रा से गहन पूछताछ की जी रही है। हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, उनको लाइसेंसिंग विभाग से जुड़े ₹4 लाख की कथित रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
एक वरिष्ठ CBI अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी को मिश्रा के खिलाफ एक शिकायत मिली थी, जिसके आधार पर मामला दर्ज किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अकाउंट्स ऑफिसर दिव्यांशु गौतम ने कथित तौर पर एक लाइसेंस इंस्पेक्टर से ₹4 लाख की रिश्वत की मांग की थी।
जांच एजेंसी ने बताया कि शिकायत पर कार्रवाई करते हुए CBI की टीम ने एक जाल बिछाया और दोनों अधिकारियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। CBI ने यह भी कहा कि शुरुआती जांच से संकेत मिले हैं कि भ्रष्टाचार के और भी पहलू सामने आ सकते हैं। CBI ने कहा है कि वह मंगलवार को बाद में इस मामले का विस्तृत डिटेल्स जारी करेगी।
रिश्वत मामले में पूर्व IT अधिकारी को 6 महीने की जेल की सजा
इस बीच, गुजरात के अहमदाबाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत ने सोमवार को आयकर विभाग के एक पूर्व अधिकारी की पत्नी को लगभग 19 साल पुराने आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी ठहराते हुए दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। दोषी जसोदाबेन वडाडिया के पति रमेशभाई वडाडिया भी इस मामले में आरोपी थे। लेकिन मुकदमे की सुनवाई के दौरान उनकी मौत हो गई।
सीबीआई ने एक विज्ञप्ति में बताया कि विशेष अदालत ने जसोदाबेन वडाडिया को दो साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उन पर 20,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। पीटीआई के मुताबिक, यह मामला 30 जून, 2007 को दर्ज किया गया था। जसोदाबेन पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने में अपने पति की सहायता करने का आरोप था।
विज्ञप्ति के मुताबिक, गांधीनगर स्थित अतिरिक्त आयकर आयुक्त कार्यालय में तैनात रमेशभाई वडाडिया पर 1 जनवरी, 2002 से 30 अप्रैल, 2007 के बीच 29,49,977 रुपये की संपत्ति जमा करने का आरोप था। यह उनकी ज्ञात आय के स्रोतों का 247 प्रतिशत थी।
सीबीआई ने जांच पूरी होने के बाद 24 दिसंबर, 2008 को तत्कालीन आयकर अधिकारी और उनकी पत्नी जशोदाबेन वडाडिया के खिलाफ 25,46,398 रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में आरोपपत्र दायर किया। रमेश वडाडिया की मुकदमे के दौरान मौत हो गई और अदालत ने उनके खिलाफ मामला समाप्त कर दिया। लेकिन उनकी पत्नी को भ्रष्टाचार के अपराध में सहायता करने का दोषी पाया गया।