पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से जुड़े 48.48 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में हैदराबाद और ओडिशा में कई ठिकानों पर एक साथ रेड मारी। यह कार्रवाई सीबीआई के बैंक सिक्योरिटीज एंड फ्रॉड ब्रांच (BSFB), बेंगलुरु में दर्ज मामले के सिलसिले में की गई है।
PNB की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
यह पूरी कार्रवाई पंजाब नेशनल बैंक (PNB) चेन्नई की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई FIR के तहत हुई है। सीबीआई ने इस केस में M/s PCH Corporation Ltd, M/s PCH Retail Ltd, दोनों कंपनियों के निदेशक और कुछ अज्ञात लोक सेवकों के खिलाफ केस दर्ज किया है। FIR में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और बैंक को ₹48.48 करोड़ रुपये का गलत नुकसान पहुंचाने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
हाइपोथिकेटेड स्टॉक बेचकर रकम गबन करने का आरोप
सीबीआई के मुताबिक आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर जानबूझकर बैंक के पास हाइपोथिकेटेड (गिरवी) अपने कारोबार का पूरा स्टॉक बेच दिया। आरोप यह भी है कि स्टॉक की बिक्री से जो रकम हासिल हुई, उसे संबंधित लोन अकाउंट के जरिए बैंकिंग चैनल में जमा नहीं कराया गया। इसके बजाय कथित तौर पर उस रकम का दुरुपयोग और गबन किया गया। सीबीआई इन आरोपों के आधार पर संबंधित कंपनियों और उनके निदेशकों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, आपराधिक गबन और आपराधिक साजिश से जुड़े अपराधों की जांच कर रही है।
हैदराबाद और ओडिशा में कई ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन
19 सितंबर को सीबीआई की टीमों ने हैदराबाद और ओडिशा में एक साथ कई जगहों पर छापेमारी की। तलाशी अभियान के दायरे में PCH Corporation Ltd और PCH Retail Ltd के निदेशकों के आवासीय परिसर भी शामिल रहे। तलाशी के दौरान सीबीआई को कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिन्हें जब्त कर लिया गया है। इनमें जांच से जुड़े कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड भी शामिल हैं।
सीबीआई अब जब्त की गई सामग्री और दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है, ताकि कथित आपराधिक साजिश के पूरे दायरे का पता लगाया जा सके। यह पता चल सके कि रकम को किस तरह डायवर्ट किया गया और उसका मूवमेंट कहां-कहां हुआ। मामले में शामिल सभी व्यक्तियों की भूमिका तय की जा सके। इस पूरे मामले में सीबीआई की आगे की जांच फिलहाल जारी है।