Vision IAS पर लगा ₹11 लाख का जुर्माना, UPSC रिजल्ट में 'फर्जी दावों' पर सरकार सख्त; दोबारा गलती करने पर मिली सजा

CCPA Fines Vision IAS: CCPA की जांच में पता चला कि जिन 119 सफल उम्मीदवारों का नाम संस्थान ने भुनाया, उनमें से सिर्फ 3 छात्र ऐसे थे जिन्होंने संस्थान के महंगे 'फाउंडेशन कोर्स' में दाखिला लिया था। बाकी के 116 उम्मीदवार केवल टेस्ट सीरीज, 'अभ्यास' टेस्ट या इंटरव्यू प्रोग्राम का हिस्सा थे। संस्थान ने यह चालाकी की कि उन्होंने यह साफ नहीं बताया कि कौन सा छात्र किस कोर्स में एनरोल्ड था

अपडेटेड Dec 25, 2025 पर 3:57 PM
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कोचिंग की तरफ से ये दावा किया गया कि CSE 2023 के टॉप-10 में से 7 और टॉप-100 में से 79 छात्र उसके है, जबकि सच्चाई कुछ और ही निकली

CCPA Fines Vision IAS: UPSC की तैयारी करने वाले छात्रों और उनके माता-पिता की आंखों में धूल झोंकना अब कोचिंग संस्थानों को भारी पड़ने लगा है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने चर्चित कोचिंग संस्थान Vision IAS पर ₹11 लाख का जुर्माना लगाया है। यह देश का पहला ऐसा मामला है जहां किसी कोचिंग संस्थान को 'दोबारा अपराध' करने के लिए दंडित किया गया है। आइए आपको बताते हैं आखिर क्या है पूरा मामला।

विज्ञापन के मायाजाल और झूठे दावों से फंसाते है छात्रों को

Vision IAS ने अपने विज्ञापनों में बढ़-चढ़कर दावा किया था कि देश के सबसे कठिन एग्जाम CSE 2022 और 2023 में उनके संस्थान ने टॉपर्स की झड़ी लगा दी। कोचिंग की तरफ से ये दावा किया गया कि CSE 2023 के टॉप-10 में से 7 और टॉप-100 में से 79 छात्र उसके है, जबकि सच्चाई कुछ और ही निकली। CCPA की जांच में पता चला कि जिन 119 सफल उम्मीदवारों का नाम संस्थान ने भुनाया, उनमें से सिर्फ 3 छात्र ऐसे थे जिन्होंने संस्थान के महंगे 'फाउंडेशन कोर्स' में दाखिला लिया था।


जांच में सामने आया कि बाकी के 116 उम्मीदवार केवल टेस्ट सीरीज, 'अभ्यास' टेस्ट या इंटरव्यू प्रोग्राम का हिस्सा थे। संस्थान ने यह चालाकी की कि उन्होंने यह साफ नहीं बताया कि कौन सा छात्र किस कोर्स में था। इससे छात्रों और माता-पिता को यह लगा कि ये सभी टॉपर्स लाखों रुपये वाले 'प्रीमियम कोर्स' पढ़कर सफल हुए हैं। संस्थान ने AIR-1 (2020) शुभम कुमार के लिए तो लिखा कि वह क्लासरूम स्टूडेंट थे, लेकिन बाकी टॉपर्स की जानकारी जानबूझकर छिपा ली ताकि भ्रम बना रहे।

दोबारा गलती पड़ी महंगी

CCPA की मुख्य आयुक्त निधि खरे ने बताया कि इससे पहले भी इस संस्थान को चेतावनी और रेगुलेटरी हस्तक्षेप का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद विज्ञापनों में भ्रामक दावे जारी रहे। यह दूसरी बार की गई गलती का दंड है। बार-बार उल्लंघन को देखते हुए उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए इस बार भारी जुर्माना लगाया गया है।

अब तक 57 संस्थानों पर गिर चुकी है गाज

कोचिंग माफियाओं के खिलाफ सरकार का अभियान तेज हो गया है। अब तक 57 कोचिंग संस्थानों को भ्रामक विज्ञापनों के लिए नोटिस जारी किए जा चुके है। 28 संस्थानों पर कुल ₹1.09 करोड़ का जुर्माना लगाया जा चुका है। सरकार का सख्त निर्देश है कि विज्ञापन में यह साफ लिखा होना चाहिए कि छात्र ने कौन सा कोर्स किया, उसकी अवधि क्या थी और क्या उसने इसके लिए पैसे दिए थे या वह मुफ्त प्रोग्राम था। CCPA ने कहा कि अखबारों के उलट वेबसाइटें हमेशा उपलब्ध रहती हैं और छात्र यहीं से रिसर्च करते हैं। ऐसे में झूठे दावे छात्रों के समय, मेहनत और पैसे की बर्बादी का कारण बनते हैं।

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