Get App

CEA Nageswaran: 1991 के बाद 2026 भारत के लिए सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट, अर्थव्यवस्था पर CEA नागेश्वरन का बड़ा अलर्ट

CEA Nageswaran on Indian Economy: मुख्य आर्थिक सलाहकार नागेश्वरन ने कहा है कि साल 2026 भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए 1991 की तरह एक बड़ा 'इंफ्लेक्शन पॉइंट' साबित हो सकता है। हालांकि यह 1991 जैसा वित्तीय संकट नहीं है, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग, एनर्जी और टेक्नोलॉजी में सप्लाई चैन की बाधाएं पुरानी रणनीतियों को बदलने का इशारा कर रही हैं। भारत के सामने क्या नई चुनौतियां हैं? जानिए

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Oct 30, 2026 पर 8:49 AM
CEA Nageswaran: 1991 के बाद 2026 भारत के लिए सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट, अर्थव्यवस्था पर CEA नागेश्वरन का बड़ा अलर्ट
साल 2026 भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है

CEA Nageswaran on Indian Economy: देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने देश की अर्थव्यवस्था को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। गुरुवार को ISID-IDRA नेशनल कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि साल 2026 की तुलना 1991 से की जा सकती है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।

नागेश्वरन ने स्पष्ट किया कि 2026 का मतलब 1991 जैसा भुगतान संतुलन संकट नहीं है, बल्कि यह विकास की दिशा को नए सिरे से तय करने का समय है।

1991 बनाम 2026: क्या है अंतर और चुनौतियां?

CEA नागेश्वरन के अनुसार, 1991 के संकट ने दशकों से जमा बाधाओं को सतह पर ला खड़ा किया था, जबकि 2026 के बाहरी और आंतरिक दबाव भारत को अपनी विकास रणनीति की समीक्षा करने का अवसर दे रहे हैं।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें