उत्तराखंड में एक के बाद एक प्राकृतिक आपदाएं आ रही हैं। चमोली के थराली के बाद अब देवाल के मोपटा में भी बादल फटने खबर आ रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इसकी जानकारी दी। चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बताया, "चमोली जिले के देवाल क्षेत्र में बादल फटने की घटना में दो लोग लापता हैं और कई जानवर दब गए हैं। पूरे जिले में भारी बारिश के कारण रास्ते बंद हैं। राहत दल मौके पर पहुंच गए हैं।" बादल फटने की घटनाएं रुद्रप्रयाग के बरेठ डुंगर टोक क्षेत्र और चमोली जिले के देवल क्षेत्र में हुई।
CM पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार सुबह X पर एक पोस्ट कर लिखा, "जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार क्षेत्र के अंतर्गत बड़ेथ डुंगर तोक और जनपद चमोली के देवाल क्षेत्र में बादल फटने के कारण मलबा आने से कुछ परिवारों के फंसे होने का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है। स्थानीय प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है, इस संबंध में निरंतर अधिकारियों से संपर्क में हूं, आपदा सचिव और जिलाधिकारियों से बात कर बचाव कार्यों के प्रभावी संचालन हेतु आवश्यक निर्देश दिए हैं। बाबा केदार से सभी के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूं।"
बादल फटने की इन घटनाओं के बारे में अभी और जानकारी का इंतजार है।
पिछले हफ्ते भी चमोली में बादल फटने की खबर आई थी, जिससे थराली में सड़कें ब्लॉक हो गईं और आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई। स्थानीय टुनरी गदेरा नदी में पानी बढ़ गया, जिससे मलबा तहसील में बहकर कई घरों में घुस गया।
चेपडो बाजार और कोटद्वीप बाजार में भी मलबा बहता हुआ दिखाई दिया और तस्वीरों में गाड़ियां कीचड़ में फंसी हुईं दिखाई दीं।