Zoho के को-फाउंडर और चीफ साइंटिस्ट श्रीधर वेम्बु ने तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर जारी सियासी अनिश्चितता के बीच राष्ट्रपति शासन लगाने और दोबारा चुनाव कराने की मांग की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्होंने लिखा कि मौजूदा आंकड़े स्थिर सरकार बनने की तरफ इशारा नहीं करते। उनके मुताबिक, जो भी गठबंधन बनकर सरकार बनाएगा, वह अलग-अलग दबावों के कारण ज्यादा समय तक टिक नहीं पाएगा। उन्होंने कहा, “तमिलनाडु इससे बेहतर का हकदार है।”
वेम्बू ने सुझाव दिया कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाकर फिर से चुनाव कराए जाएं और इस बार “वोट के बदले पैसे” पर सख्ती से रोक लगाई जाए। उनका मानना है कि अगर निष्पक्ष तरीके से दोबारा चुनाव हुए तो तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) भारी बहुमत के साथ लौट सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम (DMK) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम (AIADMK) TVK को रोकना चाहते हैं, तो दोनों मिलकर चुनाव लड़ें। वहीं भाजपा को अकेले मैदान में उतरना चाहिए, चाहे उसे एक भी सीट न मिले।
यह बयान ऐसे समय आया है जब TVK अभी तक सरकार बनाने के लिए जरूरी समर्थन का आधिकारिक आंकड़ा पेश नहीं कर पाई है। खबरें हैं कि राज्यपाल आर.वी. अर्लेकर अभी भी पार्टी के बहुमत के दावे से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं।
TVK ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीती हैं, जो बहुमत से 10 कम हैं। वहीं पार्टी प्रमुख विजय दो सीटों से चुनाव जीते हैं और एक सीट छोड़ने की स्थिति में पार्टी की ताकत 107 रह जाएगी।
इसके बावजूद कांग्रेस के पांच विधायकों ने TVK को समर्थन देने की बात कही है, जबकि कांग्रेस चुनाव में DMK गठबंधन का हिस्सा थी।
सरकार बनाने की कोशिशों के तहत विजय ने बुधवार को राज्यपाल से मुलाकात भी की। विजय ने तिरुचिरापल्ली ईस्ट और पेरंबूर सीट से जीत हासिल कर यह दिखाया कि उनकी लोकप्रियता सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं है।