पश्चिम बंगाल में हार के बाद पहली बार अखिलेश यादव ममता बनर्जी से मिलने कोलकाता पहुंचे। इस दौरान TMC के लोकसभा सांसद और ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी भी मौजूद रहे। मुलाकात के बाद करीब 3.15 बजे तीनों नेताओं की मीटिंग शुरू हुई। सूत्रों ने बताया कि अभिषेक बनर्जी और अखिलेश ने एक-दूसरे को गले लगाया। अखिलेश ने अभिषेक से कहा,"आप सबने क्या जबरदस्त मुकाबला किया है! काबिले-तारीफ मुकाबला।" इसके बाद सपा सुप्रीमों ने ममता से कहा, "दीदी, आप हारी नहीं हैं।"
इससे पहले कोलकाता पहुंचने पर अखिलेश यादव ने कहा, “यहां मतदान जरूर हुआ, लेकिन लोगों ने दबाव में वोट डाला है। किसी ने नहीं सोचा था कि भारतीय जनता पार्टी बंगाल में इतनी नफरत और नकारात्मक राजनीति करेगी। भाजपा ने जो बंगाल में किया उसका ट्रायल उत्तरप्रदेश में किया जा चुका था।”
अखिलेश यादव ने कोलकाता में भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ममता बनर्जी भाजपा की आंखों में इसलिए खटकती हैं, क्योंकि वह महिलाओं और समाज के बड़े वर्ग की आवाज बनकर उभरी हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की सोच सामंती और पुरुष प्रधान है। उनके मुताबिक, भाजपा और उसके सहयोगी नहीं चाहते कि महिलाएं राजनीति और समाज में आगे बढ़ें।
अखिलेश यादव ने चुनावी संस्थाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन संस्थाओं की जिम्मेदारी निष्पक्ष चुनाव कराने की थी, उनकी विश्वसनीयता अब कमजोर पड़ चुकी है।
उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के उपचुनाव में सुरक्षा बलों का इस्तेमाल कर लोगों को वोट डालने से रोका गया था। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।