Tamil Nadu Govt Formation Crisis: तमिलनाडु के राज्यपाल ने जोसेफ विजय को दो बार वापस क्यों भेजा? फूट-फूटकर रो पड़े TVK समर्थक
Tamil Nadu Government Formation: तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने गुरुवार (7 मई) को तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) प्रमुख थलापति विजय के सरकार बनाने के प्रस्ताव को यह कहते हुए दूसरी बार ठुकरा दिया कि पार्टी विधानसभा में जरूरी बहुमत का समर्थन साबित नहीं कर पाई है। इसके बाद तमिलनाडु में एक नया सियासी घमासान शुरू हो गया है
Tamil Nadu Government Formation: राज्यपाल ने विजय से कहा कि 118 हस्ताक्षरों के साथ वापस आओ, किसी दूसरी पार्टी को न्योता नहीं देंगे
Tamil Nadu Government Formation: तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के प्रमुख विजय को समझाया कि उनकी पार्टी के पास सरकार बनाने के लिए आवश्यक समर्थन नहीं है। विजय कांग्रेस पार्टी के समर्थन से सरकार गठन के लिए आमंत्रित किए जाने के अपने अनुरोध के सिलसिले में राज्यपाल से मिलने 24 घंटे के भीतर दूसरी बार गुरुवार (7 मई) को लोक भवन पहुंचे। लोक भवन ने कहा कि राज्यपाल ने टीवीके अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय को गुरुवार को लोक भवन आमंत्रित किया।
टीवीके प्रमुख 24 घंटे के भीतर दूसरी बार लोक भवन पहुंचे और करीब 40 मिनट तक राज्यपाल भवन के भीतर रहे। इसके बाद उन्हें परिसर से बाहर निकलते देखा गया। लेकिन राज्यपाल लगातार दूसरे दिन TVK प्रमुख विजय के सरकार बनाने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। सूत्रों के अनुसार, विजय ने आज राजभवन में राज्यपाल से दोबारा मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया, लेकिन राज्यपाल ने उनसे कहा कि वे 118 विधायकों का समर्थन हासिल करने के बाद ही वापस आएं।
'इंडिया टुडे' को सूत्रों ने बताया, "राज्यपाल ने विजय से कहा कि TVK के पास अभी भी सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्या बल की कमी है।" उन्होंने उनसे कहा, "शपथ ग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने से पहले वे 118 विधायकों के हस्ताक्षरों के साथ वापस आएं।" लोक भवन ने एक आधिकारिक बयान में कहा, "बैठक के दौरान माननीय राज्यपाल ने समझाया कि उनके पास तमिलनाडु विधानसभा में सरकार गठित करने के लिए आवश्यक बहुमत अभी तक नहीं है।"
24 घंटे में दूसरी बार पहुंचे लोकभवन
विजय ने सरकार गठन को लेकर राज्यपाल से 24 घंटे के भीतर दूसरी बार गुरुवार को मुलाकात की। टीवीके ने 23 अप्रैल को हुए चुनावों में 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीट जीतीं और वह सबसे बड़े दल के रूप में उभरी। हालांकि, पांच विधायकों वाली कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन दिया है। लेकिन अभिनेता से नेता बने विजय के नेतृत्व वाली पार्टी 200 से अधिक सदस्यीय सदन में बहुमत के 118 के आंकड़े से अब भी कुछ सीट दूर है।
विजय ने बुधवार को कांग्रेस पार्टी का समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपा था और सरकार बनाने का दावा पेश किया था। हालांकि, आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अर्लेकर ने अभी इस मामले में कोई फैसला नहीं लिया है। टीवीके नेता वी. एस. बाबू ने शपथ ग्रहण और सरकार गठन के बारे में पूछे गए सवाल पर पत्रकारों से कहा, "यह जल्द होगा और देखते हैं कि आगे क्या होता है।" उन्होंने केंद्र की ओर से कथित दबाव के बारे में पूछे जाने पर कहा कि जिन बातों की उन्हें जानकारी नहीं है, उन पर वह टिप्पणी नहीं करेंगे।
BJP का आया बयान
इस बीच, BJP प्रवक्ता नारायणन तिरुपति ने कहा कि सरकार गठन के मामले में सभी प्रक्रियाएं लोकतांत्रिक तरीके से होंगी। तिरुपति ने गुरुवार को पीटीआई से कहा, "मुझे नहीं लगता कि लोक भवन या राज्यपाल के स्तर पर कोई भ्रम की स्थिति है। राज्यपाल संविधान और नियम पुस्तिका के अनुसार ही काम करेंगे।" उन्होंने कहा, "जनता ने जिस तरह मतदान किया है, यह उसी का परिणाम है। मतदाताओं ने ऐसा जनादेश दिया है कि किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला।"
BJP नेता ने कहा कि संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार वही दल सरकार बनाने का अधिकार रखता है, जो कुल सीटों की आधे से अधिक सीटें हासिल करे और आवश्यक समर्थन जुटा ले। तिरुपति ने कहा, "इस बार किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला है। मेरा मानना है कि मौजूदा स्थिति में यही भ्रम का कारण है और इसी वजह से लोक भवन समय ले रहा है।" उन्होंने कहा कि यदि अन्य दल विजय के नेतृत्व वाली टीवीके को समर्थन देने के लिए आगे आते हैं, तो तमिलनाडु में स्थिर सरकार का गठन संभव होगा।
फूट-फूटकर रो पड़े TVK समर्थक
तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) के सैकड़ों समर्थक अपने नेता विजय को मुख्यमंत्री बनते देखने की आस लिए गुरुवारको शहर के नेहरू इनडोर स्टेडियम पहुंचे। लेकिन वहां बंद गेट और निर्धारित कार्यक्रम को लेकर जानकारी के अभाव के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। राज्य के अरुम्बक्कम और कोयंबटूर जैसे विभिन्न नजदीकी और दूरस्थ हिस्सों से आए कई समर्थकों ने परिसर बंद मिलने और कोई आधिकारिक सूचना नहीं होने पर गहरी निराशा व्यक्त की। इस दौरान विजय के कई निराश समर्थक रोते हुए दिखाई दिए।
प्रशंसकों और पार्टी समर्थकों ने पीटीआईसे कहा कि वे कतार में जगह पाने के लिए सुबह जल्दी पहुंचे थे। लेकिन वहां पहुंचकर उनका दिल टूट गया। विजय की एक समर्थक चारुलता ने उन्हें हुई भावनात्मक पीड़ा का जिक्र करते हुए कहा, "हम बहुत खुशी के साथ आए थे कि वह आज मुख्यमंत्री बनेंगे। लेकिन यहां कुछ भी नहीं है। द्वार बंद हैं। यह बहुत पीड़ादायक है।"
उनकी बेटी और 12वीं कक्षा की छात्रा साई दीपिका ने कहा, "मैं यहां आने को लेकर बहुत उत्साहित थी। मैंने सभी से कहा था कि वह जीतेंगे और लोगों के लिए अच्छे काम करेंगे।" विजय की एक अन्य समर्थक गुणसुंदरी ने कहा, "मैं सार्वजनिक रूप से कहती हूं कि मैंने विजय को वोट दिया। मुझे विश्वास है कि वह जरूरतमंदों की मदद करेंगे। इस तरह गे बंद देखकर मुझे बहुत दुख हुआ।"
जमीनी स्तर पर भ्रम की स्थिति के बावजूद वहां जुटी भीड़ अपने राजनीतिक चयन को लेकर अडिग रही। कई समर्थकों ने उन पर विश्वास करने का एक अहम कारण यह बताया कि विजय ने पार्टी गतिविधियों के लिए स्वतंत्र रूप से धन जुटाने का फैसला किया।
भावुक गुणसुंदरी ने कहा, "उन्होंने अपने झंडे या मंच के लिए लोगों से एक रुपया भी नहीं लिया। उन्होंने सब कुछ खुद किया।" उन्होंने कहा, "भले ही लोग उन्हें बदनाम करने या बाधाएं पैदा करने की कोशिश करें, अंततः वही जीतेंगे।"
कई लोगों ने कहा कि वे मीडिया रिपोर्ट और सोशल मीडिया पर किए गए दावों के आधार पर गुरुवार सुबह जल्दी वहां पहुंचे थे। कुछ समर्थकों ने बताया कि वे सार्वजनिक परिवहन से आए। वे यह सोचकर घंटों इंतजार करते रहे कि कोई आधिकारिक घोषणा या कार्यक्रम जल्द होने वाला है।
गुणसुंदरी ने कहा, "मेरे बेटे ने मुझे बताया था कि कल घोषणाएं की गई थीं और आज सभी लोग आ रहे हैं।" उन्होंने कहा, "मैंने उसे यह भी नहीं बताया कि मैं निकल रही हूं। मैं उन्हें पहली बार बस सामने से देखने के लिए यात्रा पर निकल पड़ी।"
इस बीच, तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) नेता निर्मल कुमार ने गुरुवार को चेन्नई में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के प्रदेश सचिव एम वीरपांडियन से मुलाकात की और सरकार गठन में भाकपा का समर्थन मांगा। हाल में संपन्न तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी टीवीके के पास अकेले दम पर सरकार बनाने के लिए पर्याप्त संख्या बल नहीं है।