Chandranath Rath: इंडियन एयरफोर्स के सिपाही से सुवेंदु के 'सारथी' तक: जानें कौन थे चंद्रनाथ रथ...जिनकी हत्या से बंगाल में उबाल

Suvendu Adhikari PA Chandranath Murder : चंद्रनाथ रथ को सुवेंदु अधिकारी का बेहद करीबी और उनका “साया” माना जाता था। वे लंबे समय से उनके साथ काम कर रहे थे और हर महत्वपूर्ण मौके पर उनके साथ दिखाई देते थे। राजनीति में आने से पहले चंद्रनाथ रथ ने करीब 20 साल तक भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दी थीं। सेना से जुड़ा उनका लंबा अनुभव और अनुशासन उन्हें अलग पहचान दिलाता था

अपडेटेड May 07, 2026 पर 9:23 AM
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भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

Suvendu Adhikari PA Chandranath Murder : पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बड़ी जीत और जश्न के बीच बुधवार रात एक दर्दनाक घटना ने माहौल बदल दिया। चुनावी खुशी के सिर्फ दो दिन बाद ही भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। जानकारी के मुताबिक, कुछ अज्ञात हमलावर गाड़ी में आए और उन्होंने चंद्रनाथ रथ की कार को रुकने पर मजबूर कर दिया। जैसे ही उनकी गाड़ी धीमी हुई, हमलावरों ने बेहद करीब से उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। इस हमले में चंद्रनाथ रथ की मौके पर ही मौत हो गई।

सुवेंदु अधिकारी के काफी करीबी थे चंद्रनाथ

चंद्रनाथ रथ को सुवेंदु अधिकारी का बेहद करीबी और उनका “साया” माना जाता था। वे लंबे समय से उनके साथ काम कर रहे थे और हर महत्वपूर्ण मौके पर उनके साथ दिखाई देते थे। राजनीति में आने से पहले चंद्रनाथ रथ ने करीब 20 साल तक भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दी थीं। सेना से जुड़ा उनका लंबा अनुभव और अनुशासन उन्हें अलग पहचान दिलाता था। भारतीय वायु सेना के पूर्व कर्मी चंद्रनाथ रथ का जीवन सिर्फ एक राजनीतिक सहयोगी तक सीमित नहीं था। उनका सफर सेना से शुरू होकर पश्चिम बंगाल की राजनीति तक पहुंचा।


इंडियन एयरफोर्स में 18 साल तक दी सेवा

चंद्रनाथ रथ, भारतीय वायु सेना में करीब 18 साल काम किया था। सूत्रों के मुताबिक, चंद्रनाथ रथ ने स्वेच्छा से रिटायरमेंट लिया था। इसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और सुवेंदु अधिकारी के साथ काम करना शुरू किया। चंद्रनाथ रथ और सुवेंदु अधिकारी का रिश्ता काफी पुराना था। दोनों की पहचान उस समय से थी, जब वे तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में साथ काम किया करते थे। दोनों पूर्वी मेदिनीपुर जिले से जुड़े थे, जिसकी वजह से उनके बीच गहरी समझ और करीबी रिश्ता बन गया था। राजनीतिक बदलाव और पार्टी बदलने के बाद भी उनकी दोस्ती और भरोसा कायम रहा। बुधवार रात चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद सुवेंदु अधिकारी बेहद दुखी और गुस्से में नजर आए। यह साफ दिख रहा था कि उन्होंने सिर्फ एक सहयोगी ही नहीं, बल्कि अपने बेहद करीबी साथी को खो दिया है।

टीएमसी दौर से था साथ 

साल 2019 में जब सुवेंदु अधिकारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार में जल संसाधन विभाग के मंत्री बने, तब चंद्रनाथ रथ को उनका निजी सचिव नियुक्त किया गया। उस समय से दोनों की राजनीतिक और पेशेवर साझेदारी और मजबूत हो गई। इसके अगले ही साल मेदिनीपुर में आयोजित एक बड़ी जनसभा में, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में सुवेंदु अधिकारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए। चंद्रनाथ रथ ने भी बिना देर किए उनका साथ दिया और भाजपा में आ गए।

भरोसेमंद सहयोगी

साल 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद जब सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बने, तो चंद्रनाथ रथ की जिम्मेदारियां भी काफी बढ़ गईं। वे अधिकारी के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाने लगे थे। हाल ही में बंगाल में भाजपा की बड़ी जीत के बाद सुवेंदु अधिकारी का नाम राज्य के अगले मुख्यमंत्री के प्रमुख दावेदारों में लिया जा रहा था। माना जा रहा था कि अगर ऐसा होता, तो चंद्रनाथ रथ को भी आने वाले दिनों में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती थी।

चंद्नाथ रथ को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में सुवेंदु अधिकारी के पुराने दौर और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में उनके नए राजनीतिक सफर के बीच एक मजबूत कड़ी माना जाता था। राजनीतिक बदलावों के बावजूद उन्होंने लगातार अधिकारी का साथ निभाया। जमीनी स्तर पर लोगों और कार्यकर्ताओं से उनकी अच्छी पकड़ थी। साथ ही भारतीय वायु सेना में बिताए वर्षों ने उन्हें अनुशासन और बेहतर प्रबंधन की क्षमता दी थी।

पश्चिम बंगाल की हिंसक राजनीति को खत्म करने की अपील

इन्हीं खूबियों की वजह से चंद्रनाथ रथ पर्दे के पीछे काम करने वाले ऐसे भरोसेमंद व्यक्ति बन गए थे, जिनकी भूमिका सुवेंदु अधिकारी की टीम में बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती थी। मध्यमग्राम में चंद्रनाथ रथ की हत्या ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल की हिंसक राजनीतिक संस्कृति को सामने ला दिया है। चुनाव नतीजों के दिन प्रधानमंत्री मोदी ने भी भाजपा मुख्यालय से ऐसी राजनीतिक हिंसा खत्म करने की अपील की थी। जब चंद्रनाथ रथ का पार्थिव शरीर अस्पताल लाया गया, तब सुवेंदु अधिकारी काफी दुखी नजर आए। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार और पार्टी के कई अन्य नेता भी उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। बाद में पोस्टमॉर्टम के लिए शव को एम्स कल्याणी भेज दिया गया।

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