ट्रकों से घेरी SUV, BJP नेता को जिंदा जलाया, रेत खनन से जुड़ा था पुराना विवाद!

बताया जाता है कि त्रिपाठी परिवार के पास रेत ढोने वाले टिपर ट्रक थे। रेत के कारोबार में हिस्सेदारी, भुगतान और इलाके में दबदबे को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद लगातार बढ़ता गया। जो शुरुआत में कारोबारी झगड़ा था, वह धीरे-धीरे शक्ति प्रदर्शन और वर्चस्व की लड़ाई में बदल गया

अपडेटेड Jun 18, 2026 पर 3:52 PM
ट्रकों से घेरी SUV, BJP नेता को जिंदा जलाया, रेत खनन से जुड़ा था पुराना विवाद!

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में रेत खनन (सैंड माइनिंग) को लेकर चल रहा पुराना विवाद मंगलवार रात खौफनाक हिंसा में बदल गया। आरोप है कि बदमाशों ने एक फॉर्च्यूनर SUV को ट्रकों से चारों तरफ से घेर लिया, उस पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। इस दर्दनाक घटना में भाजपा नेता और पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष भरत सिंह उर्फ लल्ला सिंह समेत तीन लोगों की मौत हो गई।

यह घटना कोरिया जिले के सोनहत थाना क्षेत्र के नौगई गांव में हुई। मृतक के परिजनों का आरोप है कि भारत सिंह रेत खदान से जुड़े विवाद को सुलझाने के लिए गए थे, लेकिन वहां पहले से ही उन्हें फंसाने की साजिश रची गई थी।

पुलिस ने मामले में अब तक चार आरोपियों - अक्षत त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी और मन्नू त्रिपाठी - को गिरफ्तार किया है। हत्या और हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में नौ नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।


क्या था पूरा विवाद?

स्थानीय लोगों के मुताबिक, इलाके में रेत खदान का ठेका भारत सिंह के परिवार को मिला था। इसके बाद रेत परिवहन और कथित अवैध वसूली को लेकर भारत सिंह गुट और भाजपा नेता मनोज त्रिपाठी के परिवार के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही थी।

बताया जाता है कि त्रिपाठी परिवार के पास रेत ढोने वाले टिपर ट्रक थे। रेत के कारोबार में हिस्सेदारी, भुगतान और इलाके में दबदबे को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद लगातार बढ़ता गया। जो शुरुआत में कारोबारी झगड़ा था, वह धीरे-धीरे शक्ति प्रदर्शन और वर्चस्व की लड़ाई में बदल गया।

कैसे हुई वारदात?

प्रारंभिक जांच के अनुसार, मंगलवार रात भारत सिंह अपने साथियों के साथ फॉर्च्यूनर में जा रहे थे। आरोप है कि रास्ते में उनकी गाड़ी को आगे और पीछे से ट्रकों लगाकर रोक दिया गया, जिससे निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा।

इसके बाद एसयूवी में आग लगा दी गई। भारत सिंह वाहन के अंदर ही जिंदा जल गए।

इस हमले में उनके चचेरे भाई और शिक्षक नागेंद्र सिंह की भी मौत हो गई, जबकि वीरेंद्र सिंह ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

घटना में घायल मयंक सिंह की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। उनका इलाज बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में चल रहा है। उनके सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं।

राजनीतिक गलियारों में मचा हड़कंप

भारत सिंह पहले कांग्रेस से जुड़े हुए थे, लेकिन भूपेश बघेल सरकार के दौरान भाजपा में शामिल हो गए थे। इलाके में उनका काफी प्रभाव माना जाता था और वह अक्सर हूटर लगी फॉर्च्यूनर में चलते थे।

परिजनों ने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं, बल्कि पहले से रची गई साजिश थी।

पुलिस क्या कह रही है?

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेशा चौबे के मुताबिक, शुरुआती जांच में रेत खनन को लेकर त्रिपाठी और ठाकुर परिवारों के बीच लंबे समय से विवाद की बात सामने आई है। मंगलवार रात दोनों पक्ष आमने-सामने आए, जिसके बाद मारपीट हुई और उसी दौरान फॉर्च्यूनर में आग लग गई।

सोनहत थाना प्रभारी विनोद पासवान ने भी दोनों पक्षों के बीच पुराने विवाद की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि भारत सिंह का पक्ष क्रशर और खनन कारोबार से जुड़ा था, जबकि दूसरा पक्ष त्रिपाठी परिवार था। पहले भी इस विवाद को लेकर कई मामले दर्ज हो चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने क्या कहा?

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि मामले की जांच जारी है। कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

वहीं स्थानीय विधायक भैयालाल राजवाड़े और पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने भी घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे कोरिया जिले को झकझोर कर रख दिया है। इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और जांच जारी है।

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