नई दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय, गुजरात हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस जस्टिस सुनीता अग्रवाल और तेलंगाना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस जस्टिस अपरेश कुमार सिंह को सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में जज के तौर पर नियुक्त किया गया है। इस संबंध में सोमवार को केंद्र सरकार ने आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया। यह अधिसूचना न्याय विभाग की तरफ से जारी की गई थी।
राष्ट्रपति डॉ द्रौपदी मुर्मू ने भारत के संविधान के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए ये नियुक्तियां की हैं। इस कदम से शीर्ष अदालत और मजबूत होगा, जिसकी मंजूर संख्या 38 है। इनकी नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा 28 सितंबर को हुई मीटिंग में पदोन्नति की सिफारिश के कुछ दिनों बाद हुई हैं। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के प्रमुख भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत हैं। उन्होंने कॉलेजियम की बैठक में तीनों की पदोन्नति की सिफारिश की थी।
अभी सुप्रीम कोर्ट में 34 जजों की वर्किंग स्ट्रेंथ है, नए जजों के शपथ लेने के बाद इन नियुक्तियों से इसकी प्रभावी स्ट्रेंथ 37 हो जाएगी। सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया समेत जजों की मंजूरी वाली संख्या 38 है। सुप्रीम कोर्ट अमेंडमेंट एक्ट, 2026 के बाद हाल ही में मंजूरी वाली संख्या 34 से बढ़ाई गई थी।
नए नियुक्त जजों के बारे में
जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय : जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय जनवरी 2025 से दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रहे हैं। इससे पहले वे बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रह चुके हैं, और जुलाई 2023 में उन्होंने अपना पद संभाला था। जस्टिस उपाध्याय को 2011 में इलाहाबाद हाई कोर्ट में प्रमोट किया गया था और वे अगस्त 2013 में परमानेंट जज बने थे।
जस्टिस अपरेश कुमार सिंह : जस्टिस अपरेश कुमार सिंह झारखंड, त्रिपुरा और तेलंगाना से बहुत ज्यादा न्यायिक अनुभव लेकर आए हैं। उन्हें जनवरी 2012 में झारखंड हाई कोर्ट का जज प्रमोट किया गया था और जनवरी 2014 में उन्हें परमानेंट जज के तौर पर कन्फर्म किया गया था।
जस्टिस सुनीता अग्रवाल : सुनीता अग्रवाल सुप्रीम कोर्ट में काम करने वाली तीसरी महिला जज होंगी। उन्हें 2011 में इलाहाबाद हाई कोर्ट में पदोन्नत किया गया था और 2013 में वह परमानेंट जज बन गईं। उन्होंने जुलाई 2023 में गुजरात हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर शपथ ली। जस्टिस अग्रवाल ने बेंच में आने से पहले सिविल साइड में प्रैक्टिस की और 1990 में एडवोकेट के तौर पर एनरोल हुईं।