भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 7 मई को 244 जिलों में प्रभावी सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल करने का आदेश दिया है। केंद्र सरकार ने सोमवार को घोषणा की कि कल बुधवार को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों में देशभर में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल की जाएगी। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद देश में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे।
गृह मंत्रालय की बैठक के बाद राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के एक सदस्य ने कहा, "हम तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। जिन खामियों को दूर किया जाना है, उनकी पहचान कर ली गई है।"
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन मंगलवार को सिविल डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने की तैयारियों की समीक्षा करेंगे जिसमें हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजाने संबंधित ‘मॉक ड्रिल’ आयोजित करना, लोगों को ‘‘दुशमन के हमले’’ की स्थिति में खुद को बचाने के लिए प्रशिक्षित करना और बंकरों की सफाई करना शामिल है।
पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच उभरे ‘‘नए और जटिल खतरों’’ को देखते हुए गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों से बुधवार को मॉक ड्रिल करने को कहा है।
एक सूत्र ने कहा, ‘‘गृह सचिव 244 जिलों में की जा रही नागरिक सुरक्षा की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। सभी राज्यों के मुख्य सचिव और नागरिक सुरक्षा प्रमुख वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक में हिस्सा लेंगे।’’
सिविल डिफेंस मॉकड्रिल में क्या-क्या होगा?
गृह मंत्रालय के अनुसार मॉक ड्रिल के दौरान किए जाने वाले उपायों में हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजाना, लोगों को ‘‘दुश्मन के हमले’’ की स्थिति में खुद को बचाने के लिए सुरक्षा पहलुओं पर ट्रेनिंग देना और बंकरों की सफाई करना शामिल है।
दूसरे कदमों में दुर्घटना की स्थिति में ‘ब्लैकआउट’ के उपाय, महत्वपूर्ण प्लांट और प्रतिष्ठानों की रक्षा और इवेक्वेशन प्लान को अपग्रेड करना और उनका पूर्वाभ्यास करना शामिल है।
‘मॉक ड्रिल’ में वायुसेना के साथ हॉटलाइन और रेडियो कम्युनिकेशन लिंक का ऑपरेशन, कंट्रोल रूम और शेडो कंट्रोल रूम की कार्यक्षमता का परीक्षण भी शामिल है।